भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इस समय विदेशी दौरे पर हैं। इस दौरान गुरुवार को वे अफ्रीकी देश मोजाम्बिक की राजधानी मापुटो में थे। उन्होंने कहा कि भारत मोजाम्बिक के साथ अपने रिश्ते को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है। विदेश मंत्री ने कहा कि विकास के लिए नई दिल्ली की नीतियों में अपने साथी का हित प्राथमिकता रहती है। उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले सात सालों में दोनों देशों के संबंधों में काफी बदलाव आया है।
हम एक-दूसरे से गहराई से बंधे हुए हैं
हम सहयोगी के हितों को प्राथमिकता देते हैं
जयशंकर ने कहा कि अगर मोजाम्बिक को आतंकी गतिविधियों का सामना करना पड़ रहा है तो इसी चुनौती का सामना करने वाले देश के तौर पर यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम आपकी मदद करें। उन्होंने पीएम के युगांडा दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि हम अपने सहयोगियों के हितों को प्राथमिकता देते हैं, हम आपसे पूछेंगे कि क्या आप हमें अपने हित और प्राथमिकताएं बता सकते हैं। जयशंकर ने कहा कि अगर हमारे पास ऐसा कुछ है, जो मूल्यवान है, तो मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं। इससे अफ्रीका में भारत के बढ़ते प्रभाव को मोजाम्बिक में स्पष्ट देखा जा सकता है।
दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही है
हम रिश्तों को एक नए स्तर पर लेकर जा सकते हैं
जयशंकर ने कहा कि भारत कभी कोई काम अपने लिए नहीं करता। हम जागरूक हैं, हम जानते हैं कि हमारा विकास एक-दूसरे पर निर्भर करता है। इसलिए भारत के लिए मोजाम्बिक के साथ संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं। मोजाम्बिक का भारत के लिए अधिक महत्व है। पीएम मोदी का संदेश है, इसलिए मैं आज यहां हूं कि बता सकूं कि मोजाम्बिक के साथ हम रिश्तों को एक नए स्तर पर लेकर जा सकते हैं। मोजाम्बिक के साथ हर साल हम चार अरब डॉलर का कारोबार करते हैं, भारतीय कंपनियों ने 11 अरब डॉलर का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि अब हमारा काम यह है कि इस रिश्ते को कैसे गहरा किया जाए।
शुक्रवार सुबह विदेश मंत्री ने मोजाम्बिक के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि मोजाम्बिक के स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने वाले जांबाजों को हीरोज चौराहे पर श्रद्धांजलि अर्पित किया।
विदेश मंत्री ने किया ट्वीट