जब पूरी दुनिया को कोरोना महामारी के कारण अभूतपूर्व आर्थिक संकट में डूबना पड़ा, तो वो पूरा साल अरबपतियों के लिए खास उत्सव का समय साबित हुआ। वैसे ये बात शेयर बाजारों के ट्रेंड से पहले से भी जाहिर था, लेकिन अब मशहूर पत्रिका फॉर्ब्स में छपी अरबपतियों की लिस्ट से ये और पुष्ट हो गई है।
फॉर्ब्स ने बताया है कि 2020 में अरबपतियों की कुल संपत्ति 13.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसके एक साल पहले ये संपत्ति महज आठ ट्रिलियन डॉलर थी। जानकारों ने आगाह किया है कि ताजा आंकड़े भी असल में सिर्फ अनुमान हैं। मुमकिन है कि अरबपतियों की संपत्ति में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई हो। फॉर्ब्स लिस्ट से एक अन्य चौंकाने वाला आंकड़ा ये सामने आया है कि पिछले साल हर 17 घंटे पर एक नया नाम अरबपतियों की सूची में शामिल हुआ। ऐसे कुल 493 नए नाम इसमें जुड़े हैं।
ध्यान देने की बात यह भी है कि कई लोग तो 2020 में पैदा हुई खास परिस्थितियों के कारण ही अरबपति बन गए। इनमें स्पैक्स यानी स्पेशल पर्पज एक्वीजिशन कंपनी, क्रिप्टोकरेंसी या कोविड-19 संबंधी हेल्थ केयर में निवेश की वजह से ऐसे लोगों के धन में असाधारण इजाफा हुआ। इसलिए इसमें कोई हैरत नहीं है कि अरबपतियों की लिस्ट में नया नाम दर्ज कराने वालों में सबसे ज्यादा संख्या चीनी धनपतियों की है।
बहरहाल, अमेरिकी अरबपति जेफ बेजोस को कोई चुनौती नहीं दे सका। वे अभी दुनिया में सबसे धनी व्यक्ति हैं। उनकी संपत्ति लगभग 180 अरब डॉलर तक पहुंच गई। अरबपतियों की ब्लूमबर्ग की लिस्ट के मुताबिक उनकी संपत्ति में पिछले साल 75 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। बेजोस की खास चर्चा इस वक्त इसलिए भी है, क्योंकि अमेरिका के अलाबामा राज्य में स्थित उनकी कंपनी अमेजन के एक वेयर हाउस के कर्मचारी इन दिनों यूनियन बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। बेजोस उनके इस प्रयास में लगातार रोड़े अटका रहे हैं। यह इस वक्त अमेरिका में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
इस वेयर हाउस के लगभग छह हजार कर्मचारी यूनियन बनाने के सवाल पर मतदान कर चुके हैं। लेकिन अमेजन कंपनी ने तकनीकी रुकावटें खड़ी कर उसका परिणाम घोषित नहीं होने दिया है। टीवी चैनल सीबीए न्यूज के मुताबिक अमेजन कंपनी की विभिन्न इकाइयों ने कई कानूनी पेच फंसा दिए हैं, जिससे मतदान के नतीजे का एलान अभी और टल सकता है।
वेयर हाउस के कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बेहद कठिन हालात में काम करना पड़ता है। यूनियन का गठन होने पर वे सामूहिक रूप से बेहतर कार्य स्थितियों के लिए सौदेबाजी कर पाएंगे। इन कर्मचारियों को सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं का समर्थन हासिल है। राष्ट्रपति जो बाइडन भी बाकायदा एक वीडियो संदेश जारी कर यूनियन बनाने की कोशिश का समर्थन कर चुके हैं। लेकिन जेफ बेजोस की ताकत इतनी ज्यादा है कि ये काम फिर भी मुश्किल बना हुआ है।
सीनेट की बजट समिति के अध्यक्ष बर्नी सैंडर्स व्यक्तिगत रूप से अलाबामा के कर्माचरियों की सभा में शामिल हुए थे। सैंडर्स ने आरोप लगाया है कि महामारी के साल में बेजोस ने अमेजन के कर्मचारियों का हक मार कर अपनी संपत्ति में असाधारण बढ़ोतरी की। विश्लेषकों का कहना है कि जो बात जेफ बेजोस पर लागू होती है, वही लगभग सभी अरबपतियों पर लागू होती है। इसीलिए महामारी से दुनिया के त्रस्त होने के समय अरबपतियों का उत्सव नहीं रुका। वे पहले से भी और ज्यादा धनी हो गए।