विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मंगोलिया की विदेश मंत्री बैटसेटसेग बैटमुंख के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों ही नेताओं के बीच विकास परियोजनाओं, सुरक्षा, शिक्षा, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक दूसरे के सहयोग जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा हुई।
अपने दो देशों के दौरे के पहले चरण में विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार को मंगोलिया की राजधानी उलानबाटर पहुंचे। यहां उन्होंने अपने समकक्ष बैटसेटसेग बैटमुंख के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच खनन, स्वच्छ ऊर्जा और कृषि-प्रसंस्करण में नए अवसरों को लेकर चर्चा हुई। मंगोलिया दौरे के बाद जयशंकर दक्षिण कोरिया जाएंगे, जहां वे अपने समकक्ष से मुलाकात करेंगे और जेजू फोरम को संबोधित करेंगे।
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Delighted to meet FM Battsetseg Batmunkh in Ulaanbaatar.
Our discussions reflected the warmth, strength and promise of our Strategic Partnership.
Reviewed the progress in our cooperation in development projects, capacity building, culture, education, security and multilateral… pic.twitter.com/QjSUy8n3v3
भारत-मंगोलिया रिश्तों की गर्मजोशी पर जोर
विदेश मंत्री ने इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा उन्हें बत्मंख से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत में हमारी रणनीतिक साझेदारी की गर्मजोशी, मजबूती और संभावनाएं साफ दिखाई दीं। हमने विकास परियोजनाओं, कौशल विकास, संस्कृति, शिक्षा, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।
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खनन, स्वच्छ ऊर्जा और कृषि पर भी चर्चा
दोनों नेताओं ने खनन, स्वच्छ ऊर्जा और कृषि-प्रसंस्करण के क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा की। जयशंकर ने कहा, 'एक तीसरे पड़ोसी और आध्यात्मिक साझेदार के रूप में भारत, मंगोलिया के साथ अपने करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।'इससे पहले, मंगोलिया पहुंचने पर राज्य सचिव मुंकतुशिग इल्खानाजाव ने विदेश मंत्री के आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
अब दक्षिण कोरिया दौरे पर रहेंगी नजरें
मंगोलिया से जयशंकर अपनी दो-दिवसीय यात्रा के बाद बुधवार को दक्षिण कोरिया जाएंगे। जहां सियोल में वह अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष चो ह्यून के साथ बातचीत करेंगे। वह गुरुवार को जेजू शांति और समृद्धि मंच में मुख्य संबोधन भी देंगे। बता दें कि जेजू फोरम दुनिया के मौजूदा अहम मुद्दों पर चर्चा का एक प्रमुख मंच है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के नेता और विशेषज्ञ हिस्सा लेते हैं।
एशियाई साझेदारों के साथ रिश्ते मजबूत करने पर फोकस
विदेश मंत्री की यह यात्रा क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देने के बीच एशिया के प्रमुख साझेदार देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।