केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक के दौरान रूस, ब्राजील और चीन के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल पर साझा की है।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि रूसी वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव के साथ अपनी बैठक में सीतारमण ने भारत-रूस की दीर्घकालिक साझेदारी को दोहराया और पहलगाम में हालिया आतंकी हमले के बाद समर्थन देने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का आभार जताया। उन्होंने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की मजबूती को रेखांकित किया। बैठक में वित्तीय सहयोग,न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) और ब्रिक्स के नए कदमों पर चर्चा हुई। उन्होंने 2024 में रूस की सफल ब्रिक्स अध्यक्षता की भी सराहना की और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था लेकर की ब्राजील की कोशिशों की सराहना
वहीं, वित्त मंत्री सीतारमण ने ब्राजील के वित्त मंत्री फर्नांडो हद्दाद से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच वैश्विक दक्षिण की आवाज बुलंद करने, सीओपी30 से पहले जलवायु वित्त, यूएन, जी20, डब्ल्यूटीओ, ब्रिक्स और आईबीएसए जैसे वैश्विक मंचों पर एक साथ काम करने और सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की। उन्होंने बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था की दिशा में ब्राजील की कोशिशों की सराहना की और 2026 में भारत के ब्रिक्स अध्यक्ष बनने पर व्यावहारिक सहयोग का आश्वासन दिया। सीतारमण ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की तारीफ भी की।
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चीनी वित्त मंत्री लैन फोआन के साथ भी वार्ता
इस दौरान चीनी वित्त मंत्री लैन फोआन के साथ बैठक में सीतारमण ने सितंबर 2024 में समरकंद में एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक(एआईआईबी) बैठक के दौरान हुई पिछली मुलाकात को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन, दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं और समावेशी वैश्विक विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों और आर्थिक प्रभाव को आधार बनाकर वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और विकासशील देशों के हितों को प्रतिबिंबित करने वाले वैश्विक विमर्श गढ़ने की जरूरत बताई।
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