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दांतों के डॉक्टर, ऑफ ड्यूटी पायलट की बहादुरी: फ्लाईदुबई में 180 यात्रियों की कैसे बची जान? जानिए पूरी कहानी

Thu, 01 Oct 2026 09:33 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव

सार

बुधवार को फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक करने की नाकाम कोशिश की गई। हालांकि विमान के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी और विमान में सवार कई यात्रियों की सूझ-बूझ से विमान को सुरक्षित सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। 
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फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हाईवोल्टेज ड्रामा (एआई जेनरेटेड तस्वीर)) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बुधवार को एक भारतीय पायलट की हिम्मत से एक बड़ी त्रासदी टल गई और फ्लाईदुबई के विमान में सवार 180 लोगों की जान बच गई। सुबह करीब 8.20 बजे फ्लाईदुबई के विमान एफजेड1073 सिर्फ दो मिनट में 17,400 फीट नीचे आ गया। यह बुर्ज खलीफा की ऊंचाई से भी छह गुना ज्यादा है। कुछ ही पलों में विमान में सवार यात्रियों को लगा कि अब उनका बचना मुश्किल है। हालांकि विमान के भारतीय पायलट स्मित मच्छार और कुछ यात्रियों की बहादुरी और सूझ-बूझ से एक आतंकी हमला टल गया।
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विमान में घटना के वक्त क्या-क्या हुआ?
विमान में सवार 174 यात्रियों में से 150 इस्राइली नागरिक थे। कई यात्रियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि संकट कैसे टला और कैसे पायलट और कुछ यात्रियों के साहस से एक बड़ी आतंकी घटना टल गई। एक चश्मदीद के हवाले से यरूशलम पोस्ट में बताया गया है कि कॉकपिट के भीतर पायलट और ओमानी मूल के सह-पायलट के बीच झगड़ा हुआ और सह-पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। इस दौरान कॉकपिट में चीख-पुकार मच गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसी वक्त एक महिला अपने बच्चों को वॉशरूम लेकर जा रही थी, तभी उसने कॉकपिट में चीखने की आवाजें सुनीं। 

इसी बीच चाकू के हमले से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। जिसके बाद विमान में सवार कुछ इस्राइली यात्री मदद के लिए कॉकपिट में दाखिल हुए। गनीमत ये रही कि इन यात्रियों में दो लोग छुट्टी पर चल रहे पायलट भी थे। पहले इस्राइली यात्रियों ने हमलावर सह-पायलट को काबू किया और उसे कॉकपिट से बाहर कर दिया। इसके बाद छुट्टी पर चल रहे पायलटों ने विमान को बड़ी मुश्किल से काबू किया और उसे सुरक्षित सऊदी अरब के ताबुक में लैंड करा दिया। 
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डेंटिस्ट ने कैसे की घायल पायलट की मदद
चाकू के हमले में घायल भारतीय पायलट स्मित मच्छार की हालत गंभीर थी और उनका काफी खून बह चुका था। ऐसे में विमान में सवार एक इस्राइली डेंटिस्ट ने उनकी जान बचाई और डेंटिस्ट की कोशिशों से ही पायलट स्मित मच्छार का खून बहना बंद हुआ। बाद में फ्लाइट लैंड होने के बाद पायलट को तबुक में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

क्या रही घटना की टाइमलाइन
  • सुबह 6:05 बजे विमान ने दुबई से उड़ान भरी।
  • 8:20 बजे विमान में गड़बड़ शुरू हुई और विमान तेजी से नीचे की तरफ आया। जिससे विमान में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। 
  • 8:31 बजे विमान से इमरजेंसी का कोड 7700 भेजा गया। 
  • 8:35 बजे विमान से कोड 7500 भेजा गया, जिसका मतलब होता है कि विमान को हाईजैक कर लिया गया है।
  • 8:41 बजे विमान जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ। 
  • 8:46 बजे विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ। 
  • 9:54 बजे विमान सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा।
बचपन में पायलट नहीं बनना चाहते थे स्मित मच्छार
कैप्टन स्मित मच्छार ने एक पॉडकास्ट के दौरान बताया था कि पायलट बनना उनका बचपन का सपना नहीं था। उन्होंने बताया कि स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने परिवार के व्यवसाय से जुड़ने के लिए टेक्सटाइल इंजीनियरिंग करने वाले थे, लेकिन फिर उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई की। मैनेजमेंट की पढ़ाई कै दौरान ही एक सेमीनार में उन्हें पायलट बनने की सोची। स्मित ने बताया कि उनके पायलट बनने की बात से उनकी मां डरी हुईं थी, लेकिन पिताजी ने उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी। 

कैप्टन स्मित मच्छार के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्हें बोइंग 737 विमानों को उड़ाने का 13 साल का अनुभव है। वे स्पाइसजेट में बतौर पायलट काम कर चुके हैं और जून 2022 से फ्लाईदुबई के साथ जुड़े हुए हैं।
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