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Flight: बच्चे ने नहीं बांधी सीट बेल्ट तो 24 घंटे देरी से उड़ी उड़ान, विमान से उतारने में इतना समय क्यों लगा?

Mon, 10 Aug 2026 06:55 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा

सार

Child Refuses to Wear Seatbelt: कनाडा में एक बच्चे के सीट बेल्ट बांधने से इनकार करने पर पूरी उड़ान 24 घंटे के लिए टल गई। विक्टोरिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टोरंटो जाने वाली पोर्टर एयरलाइंस की उड़ान को टेकऑफ से पहले वापस टर्मिनल लौटना पड़ा। चालक दल और माता-पिता बच्चे को सीट बेल्ट लगाने के लिए नहीं मना सके। एयरपोर्ट का रनवे बंद होने के कारण उड़ान अगले दिन रवाना हुई। सवाल है, एक बच्चे की जिद से पूरी फ्लाइट क्यों अटक गई ? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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बच्चे के सीटबेल्ट न बांधने की जिद से 24 घंटे अटकी उड़ान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कनाडा में एक बच्चे के सीट बेल्ट लगाने से इनकार करने की वजह से पोर्टर एयरलाइंस की उड़ान को टेकऑफ से ठीक पहले रोकना पड़ा। उड़ान संख्या पीडी4444 छह अगस्त को विक्टोरिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टोरंटो के लिए रवाना होने वाली थी। विमान रनवे की ओर बढ़ रहा था, तभी चालक दल ने देखा कि एक बच्चा सीट बेल्ट नहीं लगाए हुए है। सुरक्षा नियमों के तहत बच्चे को सीट बेल्ट लगाना जरूरी था। माता-पिता और चालक दल ने बच्चे को सीट बेल्ट बांधने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद विमान को असुरक्षित स्थिति में उड़ाने के बजाय वापस टर्मिनल लाने का फैसला किया गया।

बच्चे और माता-पिता को विमान से उतारने में इतना समय क्यों लगा?

विमान को गेट पर वापस लाने के बाद बच्चे और उसके माता-पिता को विमान से उतारने की प्रक्रिया शुरू हुई। उनके सामान को निकालने और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने में समय लगा। इस दौरान काफी देर हो चुकी थी। एयरपोर्ट का रनवे रात 12:30 बजे बंद हो जाता है। ऐसे में विमान के पास उसी रात टोरंटो के लिए उड़ान भरने का समय नहीं बचा। इसके बाद पूरी उड़ान को अगले दिन के लिए टालना पड़ा। एयरलाइन ने उड़ान को सात अगस्त की रात 10:49 बजे के लिए फिर से निर्धारित किया। विमान शनिवार सुबह टोरंटो पहुंचा। इस तरह यात्रियों को करीब 24 घंटे की देरी झेलनी पड़ी।

क्या एयरलाइन बच्चे और उसके माता-पिता को उतारकर बाकी यात्रियों को ले जा सकती थी?

घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि क्या एयरलाइन बच्चे और उसके माता-पिता को विमान से उतारकर बाकी यात्रियों के साथ उड़ान जारी रख सकती थी। हालांकि, विमान को वापस गेट पर लाने, यात्रियों को उतारने, बच्चे और उसके माता-पिता के सामान को अलग करने तथा जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में इतना समय निकल गया कि रनवे बंद होने की समयसीमा आ गई। एयरलाइन के अनुसार असुरक्षित स्थिति में विमान को उड़ाना संभव नहीं था। इसलिए सभी यात्रियों को विमान से उतारना पड़ा और उड़ान को अगले दिन के लिए पुनर्निर्धारित करना पड़ा। घटना से प्रभावित यात्रियों को देरी के लिए कोई मुआवजा मिला या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

सीट बेल्ट को लेकर माता-पिता की जिम्मेदारी पर सवाल क्यों उठे?

घटना के बाद सोशल मीडिया पर माता-पिता की भूमिका को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यात्रियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर बच्चा सीट बेल्ट लगाने से इनकार कर रहा था तो माता-पिता उसे समझाकर सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं करा सके। कुछ टिप्पणियों में माता-पिता पर जुर्माना लगाने की मांग भी की गई। हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने यह जरूर दिखाया कि विमान में सुरक्षा नियमों का पालन केवल यात्री की व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं है। टेकऑफ से पहले सीट बेल्ट जैसी अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था पूरी नहीं होने पर चालक दल को उड़ान रोकने का फैसला लेना पड़ सकता है।
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