दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के इटावन में शनिवार को हुई घटना के बाद दिल्ली में कोरियाई दूतावास ने अपना राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया है। हैलोवीन उत्सव के दौरान कम से कम 151 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 19 विदेशी भी शामिल हैं। दक्षिण कोरिया की योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, दक्षिण कोरिया में मारे गए विदेशियों की राष्ट्रीयताओं में ईरान, उज्बेकिस्तान, चीन और नॉर्वे के लोग शामिल हैं। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि घायलों में से 19 की हालत गंभीर है।
इटावन में लोकप्रिय नाइट स्पॉट के दौरान जुटी थी भारी भीड़
लोकप्रिय नाइट स्पॉट (हैलोवीन) पर भारी भीड़ जुटने के बाद भगदड़ मच गई थी। बताया जा रहा है कि फिल्मी और टीवी सितारों को देखने के चक्कर में हैलोवीन पर जुटी भीड़ बेकाबू हो गई। जिसके बाद यह हादसा हुआ। पीड़ितों में 20 वर्ष की आयु के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है।
कोरोना काल के बाद पहली बार जुटे थे लोग
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि सियोल में पैक्ड हैलोवीन उत्सव के दौरान भीड़ बढ़ने से भगगड़ मच गई, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल के बाद से यह पहला मौका था, जब हैलोवीन पर इतनी संख्या में भीड़ इकट्ठा हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हेमिल्टन होटल में हैलोवीन मनाने के लिए कई सेलिब्रिटी के जुटने की सूचना थी। भीड़ सितारों को देखने के लिए संकरी गली में पहुंच गई। सियोल मेट्रोपॉलिटन प्रशासन ने लोगों से अपने घर लौटने का आग्रह किया है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल ने घायलों का तेजी से इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
राष्ट्रपति ने की आपातकालीन बैठक
राष्ट्रपति यून सुक-येओल ने सियोल के इटावन जिले में घातक भगदड़ को लेकर एक आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता की। यून सुक-येओल ने इस मामले में योंगसान गू जिले की आपदा प्रबंधन टीम को मदद के लिए भेजने का निर्देश दिया है। दमकल विभाग के मुताबिक, हैलोवीन के दौरान हुई इस घटना के बाद भगदड़ मच गई। कम से कम 81 लोगों ने सांस उखड़ने की भी शिकायत की। स्थानीय मीडिया ने यून के हवाले से बताया कि "सर्वोच्च प्राथमिकता मरीजों को ले जाना और उन्हें बचाना और प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सेवा मुहैया कराना है।" बताया गया है कि हैलोवीन मनाने आए लोग एक संकरी सड़क पर जमा थे। अचानक ही वहां भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी के एक अधिकारी चोई सेओंग ने कहा कि इटावन लीजर जिले में कितने लोगों को दिल का दौरा पड़ा उनकी संख्या अभी साफ नहीं है।