चीन भारत के साथ-साथ दुनिया के लिए चिंता का विषय बन रहा है, जिसे लेकर फाइव आइज देशों के नेताओं चीन के जासूसी रवैये पर चिंता व्यक्त की है। अमेरिका के एक टेलिविजन कार्यक्रम में नेताओं ने यह दावा किया। बता दें, फाइव आइज एक वैश्विक गठबंधन है, जिसमें अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल है।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, फाइव आइज देशों के नेताओं ने एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर रे के साथ पिछले सप्ताह चीन के खिलाफ पहली संयुक्त सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज की। संयुक्त सार्वजनिक उपस्थित में रे ने कहा कि चीनी सत्तारूढ़ दल इस युग के महत्वपूर्ण खतरे का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसा कोई देश नहीं है, जो हमारे विचारों, नवाचारों और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो। राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ चीन हमारी कंपनियों से तकनीक भी चुरा रहा है।
चीन अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है
ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन के महानिदेशक माइक बर्गेस ने बताया कि चीन हमारी बौद्धिक संपदा चुराने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल कर रहा है। चीन व्यावसायिक लाभ उठाकर हमें नुकसान पहुंचाते हैं। रे ने बताया कि चीन हमारी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है। एम15 के महानिदेशक केन मैक्कलम ने कहा कि हमने रूस के आक्रमण से पहले ही उसकी गुप्त उपस्थिति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। ब्रिटने ने उन अघोषित खुफिया अधिकारियों को हटा दिया, जो राजनयिक के रूप में ब्रिटेन में का कर रहे थे।
एफबीआई पहले भी चीनियों के खिलाफ रहा है सख्त
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने हाल ही में लगभग 100 ऐसी घटनाओं पर नजर रखी, जिसमें चीनी नागरिक पर्यटक के रूप में सैन्य ठिकानों और अन्य संवेदनशील स्थानों में कई बार पहुंचने की कोशिश की है। अमेरिकी अधिकारियों ने ऐसी घटनाओं को देश के लिए जासूसी खतरा बताया। रिपोर्ट में बताया गया था कि न्यू मैक्सिको में अमेरिकी मिसाइल रेंज में चीनी नागरिक घुसपैठ करते हुए पकड़े गया था। वहीं, फ्लोरिडा के सरकारी रॉकेट लॉन्च साइट के पास स्कूवा डाइवर बनकर गंदे पानी में तैरते हुए भी पाया गया था।