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पाकिस्तान : सेना के खिलाफ विपक्ष एकजुट, कहा - फौज की मदद से इमरान खान बने प्रधानमंत्री

Sun, 11 Oct 2020 01:08 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
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पाक प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा - फोटो : social media
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पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पाकिस्तानी सेना को विपक्षी पार्टियां अपने निशाने पर ले रही हैं। पाकिस्तान में सेना को चुनौती देने की हिम्मत किसी राजनैतिक पार्टी में नहीं है लेकिन अब समय के साथ सब बदलता जा रहा है। 

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पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के युवा अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी लंबे समय से सेना पर निशाना साध रहे हैं लेकिन अब उनका साथ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी दिया है। वहीं मौलाना फजल-उर-रहमान भी सेना को आड़े हाथ लेने से पीछे नहीं हटते हैं। ये तीनों मिलकर इमरान खान की सरकार को गिराना चाहते हैं।

साल 2018 में इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर नियुक्त किए गए। इमरान खान पर हमेशा यह आरोप लगा है कि उन्हें सेना ने कुर्सी पर बैठाया है, पिछले दो सालों से बिलावल अपने भाषणों में यह बात कई दोहरा चुके हैं। विपक्ष एकजुट होकर इमरान खान की सरकार को तख्त से नीचे गिराना चाहता है। 
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वहीं सरकार उनके खिलाफ उठ रही आवाज को दबाने के लिए विपक्षी नेताओं को जेल में डाल रहे हैं। लंदन में नवाज ने विपक्ष की संयुक्त रैली को संबोधित किया और कहा कि पाकिस्तानी सेना ने पिछले चुनाव में धांधली की है। नवाज ने कहा कि इमरान खान से इतनी दिक्कत नहीं है लेकिन सेना से है।

नवाज ने कहा कि सेना को सियासत से दूर रहना चाहिए और इसके बाद उन्होंने आईएसआई पर भी तंज कसा। नवाज तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने और तीनों बार उन्हें सेना के दबाव में हटना पड़ा। इसके अलावा बिलावल भुट्टो ने सेना को चेतावनी दी है कि अगर सेना इमरान खान का समर्थन करना बंद नहीं करेगी तो विधानसभाओं और संसद से सभी चुने हुए प्रतिनिधि इस्तीफा दे देंगे।

बिलावल ने कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान को पांचवां राज्य बनाने में हमे आपत्ति है लेकिन यह काम देश की सेना क्यों कर रही है। 20 सितंबर को पाकिस्तान के 11 विपक्षी दलों ने एक गठबंधन बनाया। यह गठबंधन सरकार गिराने के लिए तीन चरणों में काम कर रहा है।

इस गठबंधन को पाकिस्तान डेेमोक्रेटिक मूवमेंट नाम दिया गया। जनवरी 2021 में यह गठबंधन इस्लामाबाद में मार्च निकालेगा। इसके अलावा जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और विपक्षी पार्टियों के बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। बिलावल और नवाज इमरान खान को सिलेक्टेड प्राइम मिनिस्टर कह रहे हैं।

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