गाजा में खाना पाने की जद्दोजहद में फलस्तीनी।
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गाजा में राहत सामग्री वितरण न होने से फलस्तीनी परेशान हैं। भोजन की कमी और कुपोषण के चलते गाजा में हालात बदतर होते जा रहे हैं। गाजा पट्टी में भोजन का इंतजार कर रहे फलस्तीनियों पर गोलीबारी कर दी गई। इसमें 48 फलस्तीनियों की मौत हो गई। जबकि तमाम लोग घायल हो गए। यह हिंसा ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ गाजा की स्थिति पर बात करने के लिए इस्राइल पहुंचेंगे।
अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरण के अनुसार इस्राइल के सैन्य आक्रमण और नाकाबंदी के कारण लगभग 20 लाख फलस्तीनियों के तटीय क्षेत्र में अकाल की सबसे खराब स्थिति पैदा हो गई। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के कारण सहायता काफिले हताश भीड़ से भर गए हैं। गाजा शहर के शिफा अस्पताल ने बताया कि मृतक और घायल जिकिम क्रॉसिंग पर जमा भीड़ में पर गोलीबारी हुई। एक वीडियो में गोलीबारी में घायल लोगों को लकड़ी की गाड़ियों में ले जाते हुए दिखाया गया है। साथ ही लोगों की भीड़ आटे के बैग लेकर जा रही है।
अल-सराया फील्ड अस्पताल ने बताया कि वहां 100 से ज्यादा लोग मृत और घायल हुए हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन सेवा के प्रमुख फरेस अवाद ने बताया कि कुछ शवों को दूसरे अस्पतालों में ले जाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस्राइली हमलों और गोलीबारी में रात भर और बुधवार तक कम से कम 48 फलस्तीनी मारे गए। वहीं एक बच्चे समेत सात अन्य फलस्तीनी कुपोषण से संबंधित कारणों से मारे गए।
गोलीबारी को लेकर इस्राइली सेना ने कोई जवाब नहीं दिया। सेना ने बस इतना कहा कि वह केवल चरमपंथियों को निशाना बना रही है और नागरिकों की मौत के लिए हमास को जिम्मेदार ठहरा रही है, क्योंकि इस समूह के चरमपंथी घनी आबादी वाले इलाकों में सक्रिय हैं।
220 ट्रक गाजा में दाखिल हुए
वैश्विक दबाव के चलते इस्राइल ने गाजा में अधिक अंतरराष्ट्रीय सहायता पहुंचाने के लिए कई उपाय किए हैं। संकट को विश्व की अग्रणी संस्था आईपीसी ने कहा कि स्थिति बिगड़ गई है। आईपीसी ने तत्काल कार्रवाई न होने पर मृत्यु की चेतावनी दी है। सहायता पहुंचाने में मदद करने वाली इस्राइली सैन्य संस्था सीओजीएटी ने बताया कि मंगलवार को 220 से ज्यादा ट्रक गाजा में दाखिल हुए। यह संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों द्वारा प्रतिदिन आवश्यक 500-600 ट्रकों की संख्या से काफी कम है।
मानवीय संकट गहराता जा रहा
गौरतलब है कि गाजा में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। मार्च में इस्राइल ने पूरी तरह से गाजा पर ब्लॉकेड लगा दिया था, जिससे खाद्य सामग्री, ईंधन और दवाएं तक रोक दी गई थीं। मई में थोड़ी राहत मिली, लेकिन तब से अब तक बहुत सीमित मदद ही अंदर जा पाई है। वहीं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों ने बार-बार चेतावनी दी है कि गाजा में भुखमरी का संकट तेजी से फैल रहा है और अगर राहत नहीं पहुंची तो स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो सकती है। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल 89 बच्चे कुपोषण से मर चुके हैं। मंत्रालय ने बताया कि जून के अंत से अब तक गाजा में 65 फलस्तीनी वयस्क भी कुपोषण से मर चुके हैं।