अमेरिका के वर्जीनिया में एक नाराज सरकारी कर्मचारी ने अपने 12 सहकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी है। घटना एक सरकारी इमरात में शुक्रवार दोपहर घटी। 6 लोग घायल भी हुए हैं। हालांकि पुलिस ने वक्त रहते हमलावर को गोली मार दी।
अमेरिका में नवंबर, 2018 के बाद से यह सबसे बड़ी बंदूक हिंसा मानी जा रही है। उस वक्त लास एंजेलिस के एरिया बार में दर्जनों लोगों को गोली से मारा गया था। बाद में हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली थी।
पुलिस के अनुसार इस वारदात को अंजाम देने वाला संदिग्ध वर्जीनिया बीच म्यूनिसिपल सेंटर का कर्मचारी है और उसने अपने कार्यस्थल में ही अंधाधुंध फायरिंग की। हालांकि अभी तक हमलावर की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। इस घटना में उसकी मौत हो चुकी है। वहीं एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।
सहकर्मियों ने खुद को इमारत में छिपा लिया था। कुछ ने डेस्क के नीचे बैठकर बचने की कोशिशि की, कि कहीं हमलावर वहां भी ना आ जाए। सब जोर-जोर से चीख रहे थे। सबसे पहले हमलवार ने जिसे मारा वह इमारत के बाहर वाहन पर सवार शख्स था। जिसके बाद हमलावर इमारत में आया और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
इस गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ था, लेकिन अपनी लाइफ सेविंग जैकेट से उसकी जान बच गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी कार्यस्थल से नाराज चल रहा था। उनका कहना है कि उनके पास जवाब से ज्यादा सवाल हैं।
इससे पहले फरवरी माह में भी अमेरिका के इलियोनिस में नौकरी से निकाले जाने के बाद एक कर्मचारी ने अपने पांच सहकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं वर्जीनिया की इस इमारत की बात करें तो यहां करीब 400 कर्मी काम करते हैं। इस दिन को वर्जीनिया बीच का सबसे विनाशकारी दिन माना जा रहा है। इस घटना पर वर्जीनिया के गवर्नर राल्फ नॉर्रथम का कहना है कि यह एक भयावह दिन था।