'फिनलैंड को सुरक्षित और नाटो को मजबूत बनाएगी सदस्यता'
स्टोल्टेनबर्ग ने कहा, मैंने इस ऐतिहासिक अवसर पर बधाई देने के लिए (फिनलैंड के) राष्ट्रपति सौली निनिस्तो से फोन पर बात की है। उन्होंने कहा, "फिनलैंड आने वाले दिनों में औपचारिक रूप से हमारे गठबंधन (अलायंस) में शामिल होगा। यह सदस्यता फिनलैंड को सुरक्षित और नाटो को मजबूत बनाएगी। फिनलैंड में अत्यधिक सक्षम बल, उन्नत क्षमताएं और मजबूत लोकतांत्रिक संस्थान हैं। इसलिए, फिनलैंड हमारे गठबंधन को बहुत कुछ देगा।"
स्वीडन को भी जल्द सदस्यता के लिए उत्सुक हूं: जेन्स स्टोल्टेनबर्ग
उन्होंने कहा, "सभी सहयोगियों ने पिछले साल फिनलैंड और स्वीडन को हमारे गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। तब से हमने नाटो के आधुनिक इतिहास में सबसे तेज समर्थन प्रक्रिया देखी है। सभी सहयोगी इस बात से सहमत हैं कि स्वीडन के लिए तेज समर्थन प्रक्रिया हर किसी के हित में होगा। मैं जल्द से जल्द नाटो परिवार के पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीडन का स्वागत करने के लिए तत्पर हूं।"
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तुर्किये की मंजूरी के बाद साफ हुआ फिनलैंड की सदस्यता का रास्ता
तुर्किये की संसद ने 30 मार्च को नाटो में शामिल होने के लिए फिनलैंड के आवेदन के पक्ष में मतदान किया, जिससे उसके प्रवेश प्रक्रिया में अंतिम बाधा दूर हो गई। हालांकि, उसने स्वीडन को सैन्य गठबंधन में शामिल होने के लिए मंजूरी नहीं दी। रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्किये का वोट, फिनलैंड को सैन्य गठबंधन का हिस्सा बनने की अनुमति देने के तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के 'वादे' को पूरा करता है। तुर्किये फिनलैंड के प्रवेश को मंजूरी देने वाला अंतिम नाटो सदस्य था।
नाटो सदस्यों के भरोसे व समर्थन के लिए आभार: सौली निनिस्तो, फिनलैंड के राष्ट्रपति
मतदान के बाद फिनलैंड के राष्ट्रपति सौली निनिस्तो ने कहा कि उनका देश नाटो में शामिल होने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "सभी 30 नाटो सदस्यों ने अब फिनलैंड की सदस्यता की पुष्टि की है। मैं उनमें से हर एक को उनके भरोसे और समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।" निनिस्तो ने जोर देकर कहा कि फिनलैंड एक मजबूत और सक्षम सहयोगी साबित होगा, जो गठबंधन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हम जल्द से जल्द स्वीडन का स्वागत करने के लिए तत्पर हैं।
फिनलैंड ने 2022 में जमा किया था नाटो सदस्यता के लिए आवेदन
फिनलैंड और स्वीडन ने 2022 में नाटो में शामिल होने के लिए आवेदन जमा किए थे। तुर्किये और हंगरी को छोड़कर नाटो के अधिकांश सदस्यों ने इन दो नॉर्डिक देशों के आवेदनों का स्वागत किया था। तुर्किये के राष्ट्रपति अर्दोआन ने फिनलैंड और स्वीडन पर कुर्द 'आतंकवादी संगठनों' को रखने का आरोप लगाया था। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने कहा कि फिनलैंड और स्वीडन उनके देश के कानून के शासन के रिकॉर्ड के बारे में 'स्पष्ट झूठ' फैला रहे हैं।
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स्वीडन को नाटो का सदस्य बनाने का विरोध करते हैं हंगरी और तुर्किये
हंगरी और तुर्किये ने फिनलैंड के सैन्य गठबंधन में शामिल होने को लेकर अपने रुख को नरम किया। हालांकि, दोनों देश स्वीडन के नाटो का हिस्सा बनने का विरोध करते हैं। सोमवार को हंगरी की संसद ने फिनलैंड के आवेदन के पक्ष में 182 के मुकाबले छह वोट पड़े। बुधवार को हंगरी सरकार के प्रवक्ता जोल्टन कोवाक्स ने कहा था कि नाटो में शामिल होने के लिए स्वीडन के आवेदन को हंगरी द्वारा अनुमोदित किए जाने से पहले पर्याप्त मात्रा में शिकायतों को संबोधित करने की आवश्यकता है।
रूसी राष्ट्रपति ने अपडेटेड नेशनल फॉरेन पॉलिसी कॉन्सेप्ट को दी मंजूरी
वहीं दूसरी ओर, रूस की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपडेटेड नेशनल फॉरेन पॉलिसी कॉन्सेप्ट को मंजूरी दी है। इसके मुताबिक रूस सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी का निर्माण करना जारी रखेगा और द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा बढ़ाने, निवेश और तकनीकी संबंधों को मजबूत करने और अमित्र देशों और उनके गठबंधनों के 'विनाशकारी कार्यों' के लिए उनके प्रतिरोध को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देगा।
अमेरिकी राजदूत ने भारत को दिया ऑफर
अमेरिकी नाटो राजदूत जूलियन स्मिथ ने नाटो पर बात की और दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत के साथ संबंधों को मजबूत करने को लेकर कहा कि नाटो संगठन भारत के साथ जुड़ने के लिए तैयार है यदि वह रुचि रखता है तो। राजदूत ने हालांकि जोर देकर कहा कि वर्तमान में गठबंधन द्वारा इसे व्यापक वैश्विक सैन्य गठबंधन में विस्तारित करने की कोई योजना नहीं है।