इस्राइल व ईरान समर्थित लेबनान के शिया मिलिशिया हिजबुल्ला के बीच रविवार को भीषण वार-पलटवार हुआ। इस्राइली सेना ने शिया मिलिशिया हिजबुल्ला के ठिकानों को निशाना बनाकर रविवार तड़के लेबनान में हवाई हमले किए।
बाइडन रख रहे घटनाक्रम पर नजर
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता सीन सैवेट ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन इस्राइल व लेबनान में घटनाक्रम पर पैनी नजर रख रहे हैं। सैवेट ने कहा, राष्ट्रपति के निर्देश पर वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी अपने इस्राइली समकक्षों के साथ लगातार संवाद कर रहे हैं। उधर अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भी अपने इस्राइली समकक्ष गैलेंट से बातचीत की। ऑस्टिन ने ईरान व उसके क्षेत्रीय साझेदारों तथा छद्म सहयोगियों के किसी भी हमले के खिलाफ इस्राइल की रक्षा करने की अमेरिकी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
जवाबी हमले का पहला चरण खत्म: हिजबुल्ला
हिजबुल्ला ने कहा, हमने अभियान के तहत एक अहम इस्राइली सैन्य स्थल को निशाना बनाकर हमला किया, जिसके बारे में बाद में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, दुश्मन के कई स्थलों व बैरकों तथा आयरन डोम को भी निशाना बनाया गया। ये हमले पिछले महीने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुए हमले में समूह के शीर्ष कमांडर फौद शुकूर की हत्या के जवाब में किए गए। बाद में हिजबुल्ला ने जवाबी हमलों के पहले चरण की समाप्ति की घोषणा की।
युद्धविराम वार्ता को लग सकता है झटका
इस्राइल व हिजबुल्ला के ताजा हमलों के कारण गाजा में युद्धविराम समझौते के प्रयास को भी झटका लग सकता है। गाजा में इस्राइल व हमास के खिलाफ करीब 10 महीने से युद्ध जारी है। ये हमले ऐसे वक्त में हुए हैं, जब मिस्र हमास के खिलाफ इस्राइल के युद्ध को समाप्त करने के लिए नए दौर की वार्ता की मेजबानी कर रहा है। पिछले साल अक्तूबर में हमास की तरफ से हमले के बाद इस्राइल ने आतंकी संगठन के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। हिजबुल्ला ने हमास के समर्थन में इस्राइल के खिलाफ तभी से मोर्चा खोल रखा है।