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एफबीआई के हजारों कर्मियों का निजी डाटा चोरी: एजेंटों की सुरक्षा पर भी मंडराया खतरा; कैसे लगी इतनी बड़ी सेंध?

Wed, 30 Sep 2026 07:19 AM IST
निर्मल कांत डस्टिन वोल्ज/एलन फ्यूअर चार्ली सैवेज/एडम गोल्डमैन, द न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन।

सार

एफबीआई के हजारों मौजूदा और पूर्व कर्मियों की निजी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग गई है। नाम-पते से लेकर फोन नंबर, सोशल सिक्योरिटी नंबर और नौकरी से जुड़ी जानकारी तक चोरी होने का दावा है। इतनी संवेदनशील जानकारी तक हैकर कैसे पहुंचे और अब एजेंटों की सुरक्षा को लेकर चिंता क्यों बढ़ गई है? पढ़िए रिपोर्ट
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अमेरिका पर साइबर हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के हजारों मौजूदा व पूर्व कर्मियों का संवेदनशील निजी डाटा चोरी होना अमेरिकी इतिहास में सबसे गंभीर डाटा चोरी है। साइबर अपराधी समूह शाइनीहंटर्स ने इसे डाटा एजेंसी के नौकरी पोर्टल से चुराया और ऑनलाइन लीक करने की धमकी भी दी थी। इस हमले में हजारों कर्मियों के डाटा चोरी के साथ एजेंटों की जान को भी खतरा बताया जा रहा है।
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डाटा चोरी में मौजूदा और पूर्व कर्मियों के नाम, घर के पते, फोन नंबर, दफ्तरी ईमेल, सोशल सिक्योरिटी नंबर, जन्मतिथि और नौकरी में शामिल होने की तारीख जीवनसाथी के नाम-नंबर के अलावा और भी बहुत सी जानकारी ट्रैक हुई हैं। 

अपराधी या शत्रु देश को डाटा बिचने की चिंता
हजारों कर्मचारियों के चोरी हुए डाटा में नशीले पदार्थ और रूस-चीन-ईरान से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा डेस्क जैसी बेहद संवेदनशील जानकारियां भी उजागर हुई हैं। अब अमेरिकी विशेषज्ञों को चिंता है क शाइनीहंटर्स खुद डाटा सार्वजनिक करने की बजाय इसे दूसरे अपराधी या किसी देश को बेच सकते हैं।
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चीन ने चुराए थे दो करोड़ रिकॉर्ड
ब्रिटेन की साइबर सुरक्षा एजेंसी के पूर्व प्रमुख सिरन मार्टिन के अनुसार इस सेंध का एफबीआई की परिचालन-क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। यह एक दशक पहले हुई अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय की सेंध से भी बदतर है, जिसमें चीन ने दो करोड़ से अधिक रिकॉर्ड चुराए थे। 

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हैकरों का दावा...
बदला था मकसद शाइनीहंटर्स के अनुसार उन्होंने एफबीआई पर इसलिए हमला किया क्योंकि उसे बदला लेना था। दरअसल, एफबीआई ने वसंत में चेतावनी जारी की थी कि शाइनीहंटर्स समूह पीड़ितों को धमकाकर परेशान करता है। हैकरों ने मांग की थी कि एफबीआई उस चेतावनी को हटाए।
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ऐसे लगाई सेंध : शाइनीहंटर्स के मुताबिक उन्होंने ओरेकल पीपलसॉफ्ट सॉफ्टवेयर में एक जीरो-डे यानी पहले से अनजान खामी का इस्तेमाल किया। हालांकि गूगल ने बताया कि उसकी खुफिया टीम ने हाल में शाइनीहंटर्स को ओरेकल पीपलसॉफ्ट की उस खामी के जरिये हमले करते देखा है।
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