अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने आदिवासी इलाकों में हत्या और लापता होने के अनसुलझे मामलों में सूचना देने वालों के लिए कम से कम 25 हजार डॉलर का इनाम तय किया है। यह व्यवस्था 50 से ज्यादा मामलों पर लागू होगी। ज्यादातर मामले 10 साल से कम पुराने हैं। वहीं, करीब एक दर्जन मामले ऐसे हैं, जिनकी गुत्थी दो दशक से ज्यादा समय से नहीं सुलझी है। एजेंसी को उम्मीद है कि इनाम बढ़ने से नए सुराग मिल सकते हैं।
डर और अविश्वास बड़ी चुनौती
मूल अमेरिकी परिवारों के लिए काम करने वाली वकील मैरी कैथरीन नेगल ने कहा कि छोटे और आपस में जुड़े समुदायों में लोग अक्सर डर और संघीय सरकार के प्रति अविश्वास के कारण चुप रहते हैं। हालांकि, उनका मानना है कि ज्यादा इनाम लोगों को जानकारी देने के लिए प्रेरित कर सकता है।
मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें
- 2025 के अंत तक करीब 1,500 मूल अमेरिकी लोगों के लापता होने के सक्रिय मामले दर्ज थे।
- संघीय जांच ब्यूरो करीब 200 मूल अमेरिकी आरक्षण क्षेत्रों में संघीय अपराधों की जांच करता है।
- जांच में अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इंडियन अफेयर्स भी एजेंसी के साथ काम करता है।
- आठ वर्षीय मलीका बूने के मामले में वाहन की टक्कर की आशंका जताई गई है।
- किशोरी एमिली पाइक का शव एरिजोना में लापता होने के बाद मिला था।
वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के नेटिव वॉयसेज कार्यक्रम की सह-निदेशक लुआना रॉस ने भी कहा कि नकद इनाम से दिलचस्पी बढ़ सकती है। लेकिन आरक्षण क्षेत्रों में लोग किसी दोस्त या रिश्तेदार को ऐसी न्याय व्यवस्था के हवाले करने से हिचक सकते हैं, जिस पर उनका भरोसा नहीं रहा है।
परिवारों को अब भी जवाब का इंतजार
ओगलाला समुदाय के पैट्रिक कारलो सीनियर 2023 में अपने घर में मृत मिले थे। उनके मामले में जुलाई में इनाम 10 हजार डॉलर से बढ़ाकर 25 हजार डॉलर किया गया। परिवार के अनुसार, इसके बाद फोन आने लगे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। लिसा कारलो का कहना है कि लोगों के पास जानकारी हो सकती है, लेकिन डर उन्हें अधिकारियों से संपर्क करने से रोकता है। उनकी बहन जोडी कारलो के मुताबिक, यह डर केवल पाइन रिज तक सीमित नहीं है, बल्कि हर आरक्षण क्षेत्र में मौजूद है।
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दो भाइयों के मामले में भी बढ़ा इनाम
ओहायो के मैथ्यू और फिलिप रीगन मूल अमेरिकी नहीं थे, लेकिन उनकी हत्या नवाजो नेशन में हुई थी। वे यात्रा के दौरान कैन्यन डी शेली राष्ट्रीय स्मारक देखने जा रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, रास्ता भटकने के बाद उनकी गाड़ी कीचड़ में फंस गई और मदद लेने जाते समय दोनों को कई गोलियां मारी गईं।
पहले इस मामले में पांच हजार डॉलर का इनाम था, जो बाद में बढ़ाकर 10 हजार डॉलर किया गया और अब 25 हजार डॉलर होगा। मैथ्यू की पत्नी फेय वुर्स्टनर-रीगन को संदेह है कि सिर्फ इनाम किसी को बोलने के लिए तैयार कर पाएगा। उनका कहना है कि मामलों को ठंडा पड़ने से बचाने के लिए बेहतर जांच और परिवारों से लगातार संपर्क जरूरी है।