सरकारी सूत्रों की मानें तो एफएटीएफ के प्रतिनिधिदल ने जरूरी अथॉरिटीज के साथ कई बैठक की थीं। साथ ही उन कदमों को भी जांचा परखा जो पाकिस्तान ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए उठाए थे।
आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने चुपचाप पाकिस्तान का दौरा पूरा किया है। एफएटीएफ की 15 सदस्यों वाली टीम गुपचुप पाकिस्तान पहुंची थी।
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फ्रांस की राजधानी पेरिस में अक्तूबर के महीने में एक अहम बैठक होनी है जिसमें पड़ोसी देश के भविष्य पर फैसला होना है। पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एफएटीएफ की टीम को राष्ट्रीय प्रोटोकॉल दिया गया था। 29 अगस्त से 2 सितंबर तक टीम देश में थी।
इकोनॉमिक को-ऑर्डिनेशन कमेटी की तरफ से एफएटीएफ सचिववालय के लिए 7 लाख रुपये के खास अनुदान को मंजूरी दी गई थी। इसमें टीम के रुकने, खाने और उनकी यात्रा का प्रबंध शामिल था। इस दौरे को काफी सीक्रेट रखा गया और सरकार के सूत्रों की तरफ से इसकी वजह भी बताई गई है।
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सरकारी सूत्रों की मानें तो एफएटीएफ के प्रतिनिधिदल ने जरूरी अथॉरिटीज के साथ कई बैठक की थीं। साथ ही उन कदमों को भी जांचा परखा जो पाकिस्तान ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए उठाए थे।