आतंकवाद के वित्त पोषण पर पाकिस्तान की अनुपालन रिपोर्ट के जवाब में वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) ने फिर से इमरान सरकार से 150 सवाल पूछे हैं। एफएटीएफ ने इस संबंध में पाकिस्तान को 8 जनवरी तक जवाब देने को कहा है। एफएटीएफ दुनियाभर में आतंकवाद के वित्त पोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसका मुख्यालय पेरिस में है।
पाकिस्तान को मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्त पोषण पर नए सवालों के जवाब देने होंगे। पाकिस्तान एफएटीएफ को यह भी बताएगा कि उसने पैसे की सीमा पार अवैध आवाजाही पर रोक के लिए कौन-कौन से कदम उठाए। 7 दिसंबर को पाकिस्तान ने जो अनुपालन रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें संयुक्त राष्ट्र की ओर से घोषित आतंकवादी संगठनों पर इमरान सरकार की कार्रवाई और उन्हें कोर्ट से मिली सजा के बारे में भी विस्तृत जानकारी शामिल थी।
एफएटीएफ की बैठक अगले साल फरवरी में होनी है, जिसमें यह तय होगा कि पाकिस्तान को काली सूची में डाला जाए या नहीं। पिछले साल फरवरी में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला गया था। पाक को उम्मीद है कि अगली बैठक में भी उसे काली सूची में डालने का फैसला टल जाएगा और जून, 2020 तक की नई मियाद मिल जाएगी। एफएटीएफ ने इस साल अक्तूबर में पहले ही फरवरी, 2020 तक के लिए पाकिस्तान को विस्तार दे दिया था।