हाल ही में डेवेक्स नाम की एक वेबसाइट पर लेख प्रकाशित हुआ था। 'Opinion: Creating a more equal post-COVID-19 world for people who menstruate.' यानी कोविड-19 के बाद एक ऐसी दुनिया का निर्माण जिसमें उन लोगों को बराबरी मिले, जिन्हें पीरियड होते हैं। इसी शीर्षक पर जेके रोलिंग ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में कहा था कि 'पीरियड जिनको होते हैं, उन्हें 'लोग' नहीं, 'वुमन' यानी 'औरत' कहते हैं।'
'जिन लोगों को पीरियड होते हों..निश्चित ही उन लोगों का कोई नाम होता है...कोई मेरी मदद करो....वुंबेन, विम्पंड, वूमड?'