अगर आपका फेसबुक अकाउंट है तो आप इंटरनेट पर कहीं भी जो कुछ करते हैं, उसकी जानकारी फेसबुक रिकॉर्ड कर रहा है। यही नहीं, ट्विटर, गूगल और फेसबुक मिलकर विभिन्न लोगों विचारों और ट्रेंड्स को रोकने के लिए उन्हें सामूहिक सेंसर की रणनीति बना रहे हैं। उन्होंने अपने प्लेटफार्म पर किन लोगों पर क्या कार्रवाई की। यह जानकारी तो उसके पास है लेकिन इसे वे अमेरिकी सरकार से साझा करने को तैयार नहीं।
यह खुलासा मंगलवार को अमेरिका की सीनेट न्यायिक समिति की फेसबुक सीईओ डोर्सी से पूछताछ के दौरान हुआ। इन दोनों के रवैए से नाराज अमेरिकी सिनेटरों को यह तक कहना पड़ा कि यह कंपनियां खुद को सरकार के बराबर और पारंपरिक न्यूज मीडिया से बढ़कर समझने लगी हैं। पूछताछ के दौरान जनप्रतिनिधियों के गुस्से से बचने के लिए दोनों सीईओ ने अपनी नीतियों में सुधार लाने और अपने प्लेटफार्म से भ्रामक सूचनाओं को फैलाने से रोकने के लिए पूरे प्रयास के आश्वासन दिए, लेकिन इसका असर नहीं हुआ।
कंटेंट मॉडरेशन के नाम पर सेंसरशिप
मिसौरी से रिपब्लिकन सीनेटर जोश हाले से सवाल जवाब में डोर्सी ने स्वीकारा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के समय 27 अक्टूबर से 11 नवंबर के बीच ट्विटर ने तीन लाख ट्वीट्स विवादित और भ्रामक बताकर प्रतिबंधित किए। यह संख्या अमेरिकी चुनाव से संबंधित कुल ट्वीट्स का 0.2 प्रतिशत है। फेसबुक ने 15 करोड़ ऑनलाइन सामग्री पर भ्रामक होने का टैग लगाया।
फेसबुक-ट्विटर आधुनिक लुटेरे
सीनेटर हॉले पूछताछ के समय एक बार आपे से बाहर हो गए। उन्होंने इन टेक कंपनियों को आधुनिक समय का लुटेरा करार दिया।
यूजर की हर गतिविधि ट्रैक कर रहा फेसबुक
जुकरबर्ग ने स्वीकारा कि उनके कर्मचारी इंडस्ट्री की दूसरी कंपनियों के कर्मचारियों से काम को लेकर बात करते हैं। हॉले ने कहा कि ट्रांसफर कंपनियों की सभी गतिविधियां रिकॉर्ड होती हैं। इसलिए उनकी सूची समिति ने मांगी इस पर जुकरबर्ग ने आनाकानी की और जानकारी नहीं दी। इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी जानकारी सीमित है इस बारे में बताने के लिए अपनी टीम से बात करनी होगी।
इस पर हॉले ने कटाक्ष किया। समिति के सामने लोगों की याददाश्त कमजोर हो रही है। हॉले ने इस बार पूछा, 'क्या फेसबुक का कर्मचारी किसी यूजर का निजी डेटा देखता या निजी संदेश पड़ता है? उसका डिटेल रिकॉर्ड रखते हो?' जुकरबर्ग ने हामी भरी।