म्यांमार में तख्तापलट के कारण चल रहे संघर्ष के बीच दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने म्यांमार के सरकारी टेलीविजन के फेसबुक पेज सोमवार को बंद कर दिए। इससे एक दिन पहले ही चैनल ने तख्तापलट का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों को चेताया था कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चैनल ने यह भी कहा था कि टकराव होने पर लोगों की जान पर खतरा बन सकता है। उल्लेखनीय है कि देश में तख्तापलट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं।
इमर्जिंग मार्केट्स में जननीतियों के निदेशक राफेल फ्रैंकेल ने कहा, 'वैश्विक नीतियों के अनुसार हमने एमआरटीवी और एमआरटीवी लाइव पेज को फेसबुक से हटा दिया है। यह कदम मानकों का बार-बार उल्लंघन करने की वजह से उठाया गया है।'बता दें कि म्यांमा में सेना ने एक फरवरी को तख्तापलट करते हुए आंग सान सू ची समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया था। तख्तापलट के खिलाफ कई शहरों में लोग विभिन्न प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शन कर रहे हैं।
जुंटा की कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन जारी
म्यांमार में प्रदर्शनकारियों की हड़ताल के आह्वान के खिलाफ जुंटा की कार्रवाई की धमकी के बावजूद हजारों लोग यांगून में अमेरिकी दूतावास के पास एकत्रित हो गए। वहीं देश के कई हिस्सों में बंद का असर दिखा। कई सड़कों के बंद होने के बावजूद हजार से अधिक प्रदर्शनकारी यांगून में अमेरिकी दूतावास के पास एकत्रित हो गए, लेकिन सेना के 20 ट्रक और दंगारोधी पुलिस के वहां नजदीक ही पहुंचने के बाद किसी भी तरह के टकराव से बचने के लिए वे वहां से चले गए।
सुले पगोडा सहित शहर के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन जारी रहे। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर सोमवार को देशभर में कारखानें, कार्यालय और दुकानें बंद रहीं। नेपीता में भी बंद का असर दिखा। इन प्रदर्शनों की अगुवाई करने वाले ‘सिविल डिसोबीडिअन्स मूवमेंट’ ने लोगों से सोमवार को हड़ताल करने का आह्वान किया था। देश में अभी तक हुए प्रदर्शनों में तीन लोगों की मौत हुई है।