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दाऊद के करीबी मुन्ना को थाईलैंड ने पाक को सौंपा, नई दिल्ली-बैंकॉक के बीच रिश्तों में खटास संभव

Mon, 14 Oct 2019 12:42 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
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दाऊद इब्राहिम - फोटो : social media
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दाउद इब्राहिम के करीबी शूटर मुन्ना झिंगड़ा उर्फ मोहम्मद सलीम को थाईलैंड ने उस पर चल रहे मुकदमे में कोर्ट का फैसला आने के बाद 9 अक्तूबर को पाकिस्तान को सौंप दिया है। थाईलैंड के इस कदम से नई दिल्ली और बैंकॉक के रिश्तों में खटास आ सकती है। 

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थाईलैंड के अखबार 'द नेशन थाईलैंड' ने अपनी एक रिपोर्ट में भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि 'हम थाईलैंड की न्याय प्रक्रिया का सम्मान करते हैं, लेकिन हमें इस फैसले से हैरानी हुई है। भारत ऐसे में थाईलैंड के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा कर सकता है।' बता दें बैंकॉक एक दोषी अपराधी के प्रत्यर्पण के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच फंसा था।

गौरतलब है दाऊद के गुर्गे मुन्ना का केस थाईलैंड की अदालत में भारत के खिलाफ गया था। इसके बाद अदालत ने उसके भारत प्रत्यर्पण के निचली अदालत के निर्णय को पलट दिया था। अदालत के नए आदेश के तहत मुन्ना को नौ अक्तूबर को पाकिस्तान को प्रत्यर्पित कर दिया गया।
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वहीं भारत की ओर से दावा किया गया था कि झिंगड़ा एक भारतीय नागरिक है। झिंगड़ा को सईद मुजक्किर मुदस्सर हुसैन के नाम से भी जाना जाता है। झिंगड़ा के प्रत्यर्पण के लिए भारत पिछले दो साल से थाईलैंड के उच्च अधिकारियों के संपर्क में था। 

थाईलैंड की कोर्ट ने माफिया डॉन छोटा राजन पर हमला करने का दोषी पाते हुए झिंगड़ा को 35 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में अदालत ने इस सजा को कम करके 16 साल कर दिया था।

थाईलैंड की जेल में अपनी सजा काटने के बाद उसे 2016 में जेल से रिहा कर दिया गया था। हालांकि भारत ने उसकी रिहाई से पहले ही 2012 में थाईलैंड से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था। 

भारत पहले ही छोटा राजन को प्रत्यर्पित करा चुका है। बता दें कि दाऊद इब्राहिम पर मुंबई में हुए 1993 के बम धमाकों का आरोप है। इस हमले में 257 लोग की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। 

गौरतलब है कि इधर भारत कई बार पाकिस्तान को दाऊद को सौंपने के लिए कह चुका है। लेकिन पाकिस्तान ने आज तक उसे नहीं सौंपा। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार भी कहते आए हैं कि दाऊद की पाकिस्तान में मौजूदगी जगजाहिर है।

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