माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स और उनकी पत्नी मेलिंडा गेट्स द्वारा तलाक की घोषणा के बाद उनके फाउंडेशन में भी बदलाव के संकेत मिले हैं। हालांकि, अलग होने का एलान करते समय उन्होंने कहा था कि 50 अरब डॉलर वाले गेट्स फाउंडेशन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क सुजमैन ने अब कर्मचारियों से कहा है कि वह फाउंडेशन के दीर्घकालिक स्थायित्व को मजबूत करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
उन्होंने बताया, मैं बिल और मेलिंडा के साथ सक्रिय रूप से चर्चा कर रहा हूं कि वह दोनों और वॉरेन बफेट मिलकर क्या कदम उठा सकते हैं। अरबपति बफेट फाउंडेशन के बोर्ड के तीसरे सदस्य हैं।
हालांकि, सुजमैन का कहना है कि अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है और बिल-मेलिंडा ने फाउंडेशन के लिए एक साथ काम करने को लेकर दोबारा प्रतिबद्धता जाहिर की है।
बाहरी निदेशक लाने पर विचार
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा है कि फाउंडेशन में बाहरी निदेशकों को लाने पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल इसमें बिल-मेलिंडा , फ्रेंच गेट्स और बफेट के रूप में तीन ट्रस्टी ही हैं।
ज्यादा सदस्यों से बोर्ड होगा लोकतांत्रिक
फिलैन्थ्रॉपी के इतिहासकार मरिबेल मूर ने कहा, बोर्ड से ज्यादा लोगों का जुड़ना इसकी निर्णय प्रक्रिया को लोकतांत्रिक बनाएगा। तीन लोगों का बोर्ड बहुत छोटा है।
साथ काम करने को लेकर सवाल
बिल के अन्य स्त्रियों से संबंध की खबरें आने के बाद उनका परोपकारी व्यक्तित्व सवालों में घिर गया है। लोग पूछ रहे हैं, क्या यह जोड़ा गेट्स फाउंडेशन का संचालन बाधित किए बिना काम कर सकता है।