पाकिस्तान में एक बार फिर जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाकर धमाका किया गया है। बलूचिस्तान प्रांत में हुए इस धमाके में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि धमाके से रेलवे ट्रैक का लगभग तीन फीट हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं दाश्त क्षेत्र में हुए एक अन्य धमाके में भी पटरियों को नुकसान पहुंचा।
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में संदिग्ध विद्रोहियों ने रेल पटरियों को निशाना बनाकर बम धमाके किए, जिससे जाफर एक्सप्रेस समेत दो यात्री ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। इन धमाकों में रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचा और ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित करनी पड़ीं। क्वेटा के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) शाहिद नवाज ने बताया कि शुक्रवार को मुश्काफ इलाके में हुए एक बम धमाके से रेलवे ट्रैक का लगभग तीन फीट हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, दाश्त क्षेत्र में हुए एक अन्य धमाके में भी पटरियों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि इन दोनों घटनाओं में जाफर एक्सप्रेस और बोलन मेल यात्री ट्रेनों को निशाना बनाया गया था।
क्वेटा से जाने वाली ट्रेन सेवाएं हुईं प्रभावित
धमाकों के बाद मुख्य रेल लाइन पर ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से क्वेटा से पाकिस्तान के अन्य प्रांतों की ओर जाने वाली ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। एसएसपी नवाज ने कहा कि शनिवार से क्वेटा से चलने वाली सभी यात्री ट्रेनों के समय-सारिणी को सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। क्वेटा से बाहर जाने वाली सभी ट्रेनों के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।'
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यात्रियों की बढ़ती भीड़ के कारण चलाई गई विशेष ट्रेन
सुरक्षा चिंताओं के बीच शनिवार को जाफर एक्सप्रेस की एक विशेष सेवा को पेशावर के लिए रवाना होने की अनुमति दी गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह विशेष सेवा चलाई गई, जबकि सामान्य ट्रेन सेवाएं सुरक्षा मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।
पहले भी कई जाफर एक्सप्रेस को बनाया गया निशाना
यह पहली बार नहीं है जब जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया हो। इस ट्रेन पर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं और इसी साल इसकी सेवाएं कई बार प्रभावित हुई हैं। बीते दो महीनों में विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस और बोलन मेल पर कम से कम तीन बार हमले किए हैं, जिनमें रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचा, हालांकि इन घटनाओं में कोई जान नहीं गई।
इससे पहले 11 मार्च को जाफर एक्सप्रेस एक अभूतपूर्व हमले का शिकार हुई थी, जब आतंकवादियों ने ट्रेन के इंजन पर गोलीबारी कर करीब 400 यात्रियों को बंधक बना लिया था। उस हमले में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सुरक्षा बलों ने बाकी यात्रियों को सुरक्षित बचाया और 33 विद्रोहियों को मार गिराया था।