फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Imran Khan: पाकिस्तान में हालात और सुलग उठे हैं, फिलहाल कोई समाधान नजर नहीं आता

Fri, 04 Nov 2022 07:51 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पीटीआई नेता असलद उमर ने इमरान खान की तरफ से एक बयान जारी किया। इसमें हमले के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री राना सनाउल्लाह के साथ-साथ सेना के खुफिया विभाग के प्रमुख मेजर जनरल फैसल नसीर को भी दोषी ठहराया गया...
विज्ञापन
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हुए कातिलाना हमले के बाद जिस तरह सेना और खुफिया एजेंसी के खिलाफ जनमत देखा गया है, वैसा पाकिस्तान के इतिहास में कभी नहीं हुआ था। यह पहली बार है, जब सेना से जुड़े प्रतीकों पर भीड़ ने हमला किया और कई जगहों पर सैन्य अधिकारियों के आवास पर विरोध प्रदर्शन किए गए। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पकड़े गए हमलावर के इस बयान को सिरे से ठुकरा दिया है कि उसने अपनी मर्जी से गोलियां चलाईं। देश में आम जनमत भी इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहा है।

हमले के कुछ घंटों के पीटीआई के नेता असलद उमर ने लाहौर के शौकत खानम अस्पताल में इलाज करा रहे इमरान खान की तरफ से एक बयान जारी किया। इसमें हमले के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री राना सनाउल्लाह के साथ-साथ सेना के खुफिया विभाग के प्रमुख मेजर जनरल फैसल नसीर को भी दोषी ठहराया गया। ये बयान आने के थोड़ी देर बाद पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर मे.ज. नसीर के नाम की चर्चा बंद हो गई। इसकी जगह एक सैन्य अधिकारी का जिक्र किया जा रहा था। इससे भी पीटीआई समर्थकों का गुस्सा और भड़का है।

पीटीआई ने चेतावनी दी है कि अगर इन तीनों लोगों को जल्द ही अपने पदों से नहीं हटाया गया, तो वह देश भर में विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू कर देगी। वैसे पार्टी ने विरोध-प्रदर्शनों की शुरुआत गुरुवार रात को ही कर दी। पेशावर में पीटीआई समर्थकों ने खैबर पख्तूनवा के सर्वोच्च सैनिक कमांडर के घर पर प्रदर्शन किया। कई जगहों पर राजमार्गों को जाम कर दिया गया। कराची शहर में ट्रैफिक जाम लग गया। पीटीआई समर्थकों में सनाउल्लाह के इस बयान से गुस्सा और भड़का है कि जो लोग आग लगाते हैं, वे खुद भी उसमें जल जाते हैं।

पाकिस्तान के हालात से परिचित विशेषज्ञों में आम राय है कि देश में हालात विस्फोटक हो गए हैं। उनमें से कुछ ने सलाह दी है कि सेना को हस्तक्षेप कर शहबाज शरीफ सरकार को तुरंत चुनाव कार्यक्रम का एलान करने पर राजी करना चाहिए। इसे ही मौजूदा हालात में उचित समाधान बताया जा रहा है।

अमेरिकी थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल में पाकिस्तान इनिशिएटिव विभाग के निदेशक उजैर यूनुस ने कहा है- ‘हालिया घटनाओं के बाद अब देश में तनाव बढ़ने और समाज के अधिक ध्रुवीकृत होने की संभावना है।’ यूनुस ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा- ‘इमरान खान पर हुए हमले के बाद तनाव और भड़केगा। इसलिए असल सवाल है कि क्या दोनों पक्षों में व्यावहारिक नजरिया रखने वाले आगे आकर बातचीत का मार्ग प्रशस्त करेंगे या उन लोगों से पराजित हो जाएंगे जो अफरा-तफरी को सत्ता की सीढ़ी समझते हैं।’

अमेरिकी थिंक टैंक विल्सन सेंटर में साउथ एशिया इनिशिएटिव के निदेशक माइकल कुगेलमैन ने चेतावनी दी है कि इमरान खान पर हमले के बाद देश में हालात और सुलग सकते हैं। उन्होंने कहा- ‘सौभाग्य की बात है कि इमरान खान सुरक्षित हैं, वरना किसी बुरे सपने के साकार होने जैसे हालात बन जाते। फिलहाल खान पाकिस्तान में सबसे लोकप्रिय शख्सियत हैं और उनके समर्थक बेहद गुस्से में हैं। क्या इस स्थिति से निकलने का कोई समाधान है? यह एक ऐसा सवाल है जिसका कोई स्पष्ट उत्तर अभी हमारे सामने मौजूद नहीं है।’

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें