पाकिस्तान में अफगान सीमा के पास विस्फोट में एक पूर्व सीनेटर सहित पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आतंकवादियों ने पूर्व सीनेटर की कार को रिमोट नियंत्रित बम से निशाना बनाया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि विस्फोट के लिए किस विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। हमले के पीछे कौन था। हालांकि, किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने भी इसमें शामिल होने से इनकार किया है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में 11 जुलाई को उपचुनाव होना है, जिसमें पूर्व सीनेटर हिदायतुल्ला खान बतौर स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। बुधवार को खान, उनके दो साथी और दो पुलिस गार्ड कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। अफगान सीमा से 45 किलोमीटर दूर बाजौर जिले में पहुंचने पर विस्फोट हुआ और खान सहित उनके दोनों साथी व पुलिस गार्ड मारे गए। 2021 में तालिबान द्वारा काबुल पर नियंत्रण करने के बाद इस क्षेत्र में आतंकवाद बढ़ रहा है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और इससे जुड़े समूह इस क्षेत्र में सबसे अधिक सक्रिय हैं, जो बड़े पैमाने पर सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाते हैं।
बता दें कि जेल में बंद पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान का समर्थन करने वाले एक उम्मीदवार की आम चुनाव से पहले जनवरी में बाजौर जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह की स्थानीय शाखा ने ली थी।
हालांकि, पिछले महीने ही सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सशस्त्र बलों का समर्थन करने के लिए एक नया आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। बावजूद इसके पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।