पाकिस्तान की इमरान खान हुकूमत किस कदर पीएमएल-एन के नेताओं के खिलाफ अभियान चला रही है, इसका खुलासा मंगलवार को फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) के पूर्व महानिदेशक बशीर मेमन ने किया। मेमन ने आरोप लगाया कि पद पर रहते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय से उनपर लगातार दबाव डाला जा रहा था कि वो पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष और नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज के मीडिया सेल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ आतंकवाद फैलाने का केस दर्ज करें।
मेमन ने कहा कि मरियम की मीडिया सेल ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की फर्स्ट लेडी (प्रधानमंत्री की बेगम) की एक तस्वीर पोस्ट की थी, इसलिए उनपर आतंकवाद की धाराएं लगाने को कहा जा रहा था। मेमन ने इनकार कर दिया और अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बशीर मेमन ने इमरान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बशीर मेमन ने इमरान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय एफआईए को भी अपनी कठपुतली की तरह चलाना चाह रहा था, जैसे इन दिनों नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो यानी (एनएबी) को चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएबी पूरी तरह सरकार के इशारे पर काम कर रही है और जिस तरह नवाज शरीफ परिवार के खिलाफ उसका इस्तेमाल किया जा रहा है वह देश की अवाम देख रही है। खासकर जिस तरह नवाज शरीफ के दामाद कैप्टन सफदर के खिलाफ एनएबी ने देशद्रोह का मामला दर्ज किया, और नवाज के परिवार के दूसरे सदस्यों और उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ ऐसे मामले दर्ज किए गए उसे कतई सही नहीं ठहराया जा सकता।
मेमन ने ऐसे कई और मामले गिनाए जिसके लिए उनपर गलत तरीके से काम करने का दबाव डाला जाता था। नवाज परिवार के खिलाफ मामला दर्ज न करने पर प्रधानमंत्री इमरान खान ने खासी नाराजगी जताई थी और फिर मेमन पर वक्त से पहले पद छोड़ने का दबाव भी बनाया गया था।
मरियम नवाज ने इमरान खान से तत्काल इस्तीफे की मांग की
बशीर मेमन के आरोपों और खुलासों के बाद पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज (ऑरंगजेब) ने इमरान खान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मरियम ने एफआईए के पूर्व प्रमुख के आरोपों को बेहद गंभीर बताया और कहा कि इससे साबित होता है कि किस तरह इमरान सरकार संवैधानिक संस्थाओं और जांच एजेंसियों का मनमाने तरीके से इस्तेमाल कर रही है।
मरियम ने कहा कि अगर पाकिस्तान सचमुच रियासत-ए-मदीना है तो इमरान खान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और उनपर संविधान की धारा 62 और 63 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। मेमन ने अपने इंटरव्यू में साफ कहा है कि आज जिस तरह एनएबी काम कर रही है, ठीक वही काम करने के लिए उनके पद पर रहते हुए एफआईए पर दबाव डाला जा रहा था। अब सरकार के मोहरे की तरह एनएबी (राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो) काम कर रहा है।
मरियम ने नवाज शरीफ और पार्टी के तमाम नेताओं के खिलाफ लगाए गए देशद्रोह के मामले तत्काल वापस लिए जाने और शाहबाज हुसैन के अलावा अन्य गिरफ्तार नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के सूचना मंत्री शिबली फराज ने एक प्रेंस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री ऐसी हरकतें कभी नहीं करते और मुझे नहीं पता कि बशीर मेमन किसके कहने पर ऐसा आरोप लगा रहे हैं।