पाकिस्तानी सेना ने मीडिया में आई उन खबरों को खारिज किया है जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) कमर जावेद बाजवा के बयान के हवाले से कहा गया था कि देश की सेना भारत के खिलाफ युद्ध लड़ने में सक्षम नहीं है। सेना ने उनकी इस ऑफ द रिकॉर्ड टिप्पणी को 'संदर्भ से बाहर' (आउट ऑफ कंटेक्स्ट) बताया।
पड़ोसी देश के जाने-माने पत्रकार हामिद मीर ने हाल ही में एक टीवी शो के दौरान बाजवा के बयान का खुलासा किया था। मीर ने दावा किया था कि बाजवा ने 2021 में 20-25 पत्रकारों के साथ एक बैठक में कहा था कि पाकिस्तानी सेना युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है। उनके टैंकों को जंग लग चुका है और उनके पास टैंकों को चलाने के लिए डीजल का पैसा भी नहीं है।
इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर (इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस) ने कहा, हाल ही में पाकिस्तानी सेना की सूची में कुछ हथियार प्रणालियों की स्थिति को देखते हुए उसकी युद्ध क्षमता पर मीडिया में चर्चा हुई है। बयान में कहा गया, पाकिस्तान को भविष्य के खतरों पर पूर्व सेना प्रमुख ने विचार रखे थे, जो कि 'संदर्भ से परे' हैं। बाजवा ने ऑफ द रिकॉर्ड संवाद सत्र में मीडियाकर्मियों के साथ अपने विचारों को साझा किया था।
इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के सशस्त्र बल देश की रक्षा के लिए अपने हथियारों, उपकरणों और 'युद्ध' के लिए मानव संसाधनों को तैयार रखना जारी रखेंगे। बयान में कहा गया है, सेना पाकिस्तान के लोगों को आश्वस्त करती है कि हमने हमेशा अपनी अभियानगत तैयारियों और युद्ध क्षमताओं पर गर्व किया है और करते रहेंगे।
इस बीच, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में पेश हुए अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि वह मीर द्वारा साझा की गई जानकारी से भी 'ज्यादा' जानते हैं। बाजवा के साथ टकराव की स्थिति में रहने वाले और अपनी सरकार गिराने के लिए बाजवा को जिम्मेदार ठहराने वाले खान ने कहा, "मैं इससे कहीं ज्यादा चीजें जानता हूं, लेकिन यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।"
जियो न्यूज ने उनके हवाले से कहा, "मैं नहीं चाहता कि यह अंतरराष्ट्रीय खबर बने और पाकिस्तान को नुकसान हो।" बाजवा पाकिस्तान के सेना प्रमुख के रूप में लगातार दो कार्यकाल पूरा करने के बाद पिछले साल नवंबर में सेवानिवृत्त हुए थे।