अमेरिका में हर नागरिक एक साल में 1,300 प्लास्टिक बैग समुद्र, सड़क और ऐसी दूसरी जगहों पर फेंक रहा है। प्लास्टिक के कचरे को लेकर किए गए एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। अध्ययन के अनुसार अमेरिका में सबसे ज्यादा गंदे तरीके से प्लास्टिक का निपटारा किया जाता है और करीब 16 लाख टन प्लास्टिक समुद्र में डाला गया है।
सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा अमेरिका में
अध्ययन में 2016 तक के आंकड़ों को ही शामिल किया गया है। तब तक कई देशों ने अमेरिका से कचरे के आयात पर रोक नहीं लगाई थी। इस अध्ययन से पता चलता है कि अमेरिका में 4.63 करोड़ टन प्लास्टिक का कचरा पैदा किया गया, जो दुनिया में अब तक सबसे ज्यादा है। इस पूरे कचरे में से 2.7 से 5.3 फीसदी का सही तरीके से निपटारा नहीं किया गया। इसका मतलब यह हुआ कि ना तो इस कचरे को जलाया गया, ना ही लैंडफिल में डाला गया और ना ही रिसाइकिल किया गया।
साइंस एडवांस जर्नल में यह रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। इसके अनुसार अमेरिका में पैदा हुए प्लास्टिक के कचरे में से 12 से 25 लाख टन को कचरे के रूप में जमीन, नदियों, झीलों और सागरों में डाला गया। यानी इस कचरे को अवैध रूपे से फेंका गया या फिर गलत ढंग से देश के बाहर भेजा गया।
एंपायर एस्टेट के बराबर होगी ऊंचाई
रिपोर्ट की सह लेखिका और जॉर्जिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जेना जामबेक कहती हैं कि अगर इस 25 लाख टन प्लास्टिक की बोतल, रैपर और राशन के थैलों को व्हाइट हाउस के लॉन में रख दिया जाए तो यह एंपायर एस्टेट की इमारत से भी ऊंचा होगा। जेना जामबेक ने कहा कि यह काफी भयावह स्थिति है और लोगों को इसके बारे में सोचना चाहिए।
इस मुद्दे पर कभी नहीं गई नजर
प्लास्टिक के कचरे को लेकर हुए इससे पहले के अध्ययनों में अमेरिका को 10 सबसे खराब देशों की सूची में नहीं रखा गया था। इसके पीछे कारण यह है कि अमेरिका की पर्यावरण संरक्षण संस्था आधिकारिक तौर पर लैंडफिल और रिसाइकिल किए गए कचरे का ब्यौरा रखती थी, गंदे तरीके से निपटाए जाने वाले प्लास्टिक पर अमेरिका की नजर कभी नहीं गई।
यह निकला अध्ययन का निष्कर्ष
जब शोधकर्ताओं ने इसका गहन अध्ययन किया तब पता चला कि अमेरिका में सबसे ज्यादा गंदे तरीके से प्लास्टिक का निपटारा किया जाता है। इस शोध का निष्कर्ष यह है कि अमेरिका ने करीब 16 लाख टन प्लास्टिक समुद्र में डाला है।