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कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के दो महीने बाद भी लगता है जैसे मैं...

Wed, 08 Jul 2020 03:35 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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पूरे विश्व में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। एक करोड़ से अधिक लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं। दुनिया के प्रत्येक देश में इससे बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन अधिकांश लोग अब भी इस महामारी को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। उन्हें यह नहीं पता है कि यह वायरस उनके जिंदगी के लिए कितना खतरनाक है। बहरहाल इस सबके बीच कुछ सवाल भी हैं, कि आखिर इलाज करा लेने के बाद क्या जिंदगी पहले जैसी ही हो जाती है या फिर मुश्किलों का असल दौर शुरू होता है। आइए जानते हैं ऐसी एक आपबीती...

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अप्रैल महीने में कोरोना से संक्रमित हुए सीएनएन के एक संपादक रिचर्ड क्वेस्ट ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कुछ अलग ही दावा किया है। उनका कहना है कि वह कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के दो माह भी बाद भी खुद को स्वस्थ महसूस नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद अब भी मैं अपने अंदर इसके लक्षण महसूस कर रहा हूं।

मुझे प्रतीत होता है मेरी खांसी फिर से वापस आ गई है और मैं खुद को बहुत ही थका हुआ और कमजोर महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि जिस समय मैं संक्रमित हुआ था, उस समय उतना ज्यादा बीमार महसूस नहीं कर रहा था, जितना कि अब कर रहा हूं। ऐसा लग रहा है कि मैं इस खतरनाक वायरस से फिर से संक्रमित हो गया हूं।

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एक दिन फोन आया कि मैं कोरोना पॉजिटिव हूं..

उन्होंने बताया कि मैं अप्रैल के मध्य में कोरोना से संक्रमित हो गया था। संक्रमित होने के बाद शरीर में कुछ लक्षण शुरू में तेजी से उभरे। उन्होंने कहा कि उन्हें अचानक लगा कि वे बहुत थका हुआ महसूस कर रहे हैं और एक नई तरह की खांसी ने दस्तक दे दी है।

रिचर्ड ने कहा कि अगली सुबह मैं फिर जांच के लिए मेडिकल सेंटर गया और एक दिन बाद मुझे फोन आया कि मैं कोरोना पॉजिटिव हूं। उन्होंने आगे कहा कि यह वायरस बहुत ही ज्यादा खतरनाक है। जब यह शरीर को संक्रमित करता है तो तेज खांसी शुरू हो जाती है। यह शरीर के प्रत्येक अंग को नुकसान पहुंचाता है और संक्रमित करता है।  

इलाज से ठीक तो हो गया, पर ऐसा लगता नहीं...

उन्होंने कहा कि इलाज से इस वायरस से छुटकारा मिलने के बाद भी मनुष्य का शरीर सही ढंग से काम नहीं करता है। जब मैं इस वायरस से संक्रमित हुआ था, उस समय भी मुझे उतनी परेशानी नहीं थी, जितनी कि अभी महसूस कर रहा हूं।

डॉक्टर ने कहा था कि अब आप पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं, लेकिन मैं खुद को अब और ज्यादा बीमार महसूस कर रहा हूं। उस समय सांस लेने में उतनी समस्या नहीं थी लेकिन अब बहुत अधिक हो रही है। थकान और कमजोरी इतनी है कि लग रहा है कि वायरस ने मुझे फिर से संक्रमित कर दिया है।

खांसते ही लगता था कि मेरी जान...

उन्होंने आगे कहा कि इस वायरस से संक्रमित होने के बाद हो रही खांसी आपकी सामान्य खांसी से बिल्कुल अलग होती है। यह बेहद ही सूखी, कर्कश और खड़खड़ाहट भरी खांसी होती है।

जब मैं खांसना शुरू करता था तो ऐसा लगता था कि अब मेरी जान ही निकल जाएगी। यह खांसी एक बार शुरू होने पर रुकने का नाम ही नहीं लेती थी और मैं हद से ज्यादा परेशान हो जाता था। उन्होंने कहा कि मेरी पाचन क्रिया भी सही ढंग से काम नहीं कर पा रही है।
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मैं पूछता हूं पर डॉक्टर यह नहीं बताते..

उन्होंने कहा कि जब भी मैं डॉक्टर से संपर्क करता हूं तो वे कहते हैं कि मैं जल्द सही हो जाऊंगा, लेकिन वे यह नहीं बताते आखिर कब तक मैं पूरी तरह स्वस्थ हो पाऊंगा। मैं बेहद दुर्बल हो गया हूं।

उन्होंने आगे कहा कि मैं उन लोगों को चेतावनी देना चाहता हूं जो इस महामारी को लेकर अब भी लापरवाह हैं। उनसे आग्रह है कि इस खतरनाक वायरस से बचने की कोशिश करें, नहीं तो आपकी जान भी जा सकती है या फिर लंबे समय के लिए आप बीमार हो सकते हैं।
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