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यूरोपीय थिंक-टैंक ने भी कहा- गलवां घाटी में हमला चीन की सोची समझी साजिश

Sun, 21 Jun 2020 01:54 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एम्सटर्डम।
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लद्दाख की गलवां घाटी
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भारत-चीन सीमा विवाद के बीच गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प चीन की सोची समझी साजिश थी। चीन ने जानबूझकर और पूरी योजना बनाकर भारतीय सैनिकों पर हमले को अंजाम दिया था। यह बात यूरोप के थिंक-टैंक ने कही है। यूरोपीय थिंक-टैंक ने यह भी कहा है कि यह हमला करके चीन ने साफतौर पर दशकों पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन किया है।

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दरअसल, यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (एएफएसएएस) का कहना है कि गलवां घाटी में बीती 15 जून को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनने भारतीय जवानों पर सोच समझकर और योजना के तहत हमला किया था। एएफएसएएस का मानना है कि यह हमला हाल के महीनों में पड़ोसी देशों पर चीन की बढ़ती आक्रामकता को दिखाता है। बता दें कि इस इस हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे।

थिंक-टैंक एएफएसएएस का कहना है कि करीब 45 साल के बाद एलएसी पर ऐसी घटना हुई है। चीन की ओर से किए गए इस हमले ने हाल के वर्षों में भारत समेत उसके पड़ोसी देशों के लिए सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौती पैदा कर दी है। चीन का आक्रामक रवैया भविष्य में और तनावपूर्ण संबंधों की ओर संकेत कर रहा है।

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हमला चीन की हठधर्मिता 

विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का हमला दोनों देशों के लिए 21वीं सदी में कई बदलाव लेकर आएगा। इससे दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल बनेगा, जिससे नए विवाद भी जन्म ले सकते हैं। थिंक-टैंक का कहना है कि चीन की हठधर्मिता और सीमा विस्तार नीति इस हमले के पीछे की वजह है।

चाहे वह दक्षिण चीन सागर हो, ताइवान हो या हांगकांग हो, हर जगह चीन अपने पांव पसारने में लगा हुआ है। दक्षिण चीन सागर में मलेशियाई और वियतनामी जहाजों को रोकना, हांगकांग में नई ताकतें जमाना, प्रदर्शनकारियों का दमन करना। यही नहीं चीन दो बार संवेदनशील वियतनाम की खाड़ी में एयरक्राफ्ट करियर के जरिए अपने मंसूबों को जाहिर कर चुका है।
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कोरोना के लिए चीन जिम्मेदार 

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते चीन को पहले से ही दुनियाभर के देशों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चीन अंतरराष्ट्रीय आलोचना के जवाब में अपनी ताकत और इरादों का प्रदर्शन कर रहा है।

कोरोना फैलने को लेकर कई देशों ने चीन को ही जिम्मेदार बताया है। एम्स्टर्डम के थिंक-टैंक ने हालांकि यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ऐसी हरकतों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों, सम्मेलनों और मानदंडों की सीमाओं का कोई परीक्षण तो नहीं कर रहा है।
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