विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का हमला दोनों देशों के लिए 21वीं सदी में कई बदलाव लेकर आएगा। इससे दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल बनेगा, जिससे नए विवाद भी जन्म ले सकते हैं। थिंक-टैंक का कहना है कि चीन की हठधर्मिता और सीमा विस्तार नीति इस हमले के पीछे की वजह है।
चाहे वह दक्षिण चीन सागर हो, ताइवान हो या हांगकांग हो, हर जगह चीन अपने पांव पसारने में लगा हुआ है। दक्षिण चीन सागर में मलेशियाई और वियतनामी जहाजों को रोकना, हांगकांग में नई ताकतें जमाना, प्रदर्शनकारियों का दमन करना। यही नहीं चीन दो बार संवेदनशील वियतनाम की खाड़ी में एयरक्राफ्ट करियर के जरिए अपने मंसूबों को जाहिर कर चुका है।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते चीन को पहले से ही दुनियाभर के देशों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चीन अंतरराष्ट्रीय आलोचना के जवाब में अपनी ताकत और इरादों का प्रदर्शन कर रहा है।
कोरोना फैलने को लेकर कई देशों ने चीन को ही जिम्मेदार बताया है। एम्स्टर्डम के थिंक-टैंक ने हालांकि यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ऐसी हरकतों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों, सम्मेलनों और मानदंडों की सीमाओं का कोई परीक्षण तो नहीं कर रहा है।