फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों में युवाओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। फ्रांस की राजधानी पेरिस व अन्य शहरों में शनिवार को युवाओं और श्रमिक संगठनों के आह्वान पर बड़ा प्रदर्शन किया गया। दिनभर प्रदर्शन आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर हिंसक घटनााएं हुईं। हालांकि, पिछले हफ्ते की तुलना में स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही। उधर, इटली में पीएम जियॉर्जिया मेलनी के खिलाफ युवाओं का आक्रोश भड़क उठा है।
रोम और मिलान में कैसा मंजर?
इटली के मिलान में प्रदर्शनकारियों ने रात में प्रदर्शन किया। ज्यादातर युवा प्रदर्शनकारियों के हाथों में "सरकार के झूठ को ना" जैसे बैनर देखे गए। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने इटली के ऊर्जा नियामक के बाहर खाद फेंक पर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने एक प्रतीकात्मक, बिजली बिल भी जलाया, जिसकी तस्वीरें स्थानीय टेलीविजन पर प्रसारित हुईं। फैशन के लिए मशहूर मिलान में ओमेगा, टिफ़नी और गुच्ची सहित कई लक्जरी बुटीक दुकानों को सामने की खिड़कियों को बंद करना पड़ा। एप्पल स्टोर भी बंद रहा। हालात सामान्य होने पर दूसरी दुकानें खुलीं लेकिन बड़े ब्रांड्स के आउटलेट बंद दिखे। दरअसल, पिछले सप्ताह के अंत आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वाले लोगों ने दुकानों में तोड़फोड़ की थी। उन्होंने शहर के केंद्रीय डुओमो चौक से निकलने वाली सड़कों पर स्नीकर्स, स्पोर्ट्स वियर और खेल के सामान को निशाना बनाया था।
रोम में प्रदर्शनों का स्वरूप कैसा रहा?
इटली के ही रोम में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। अधिकारियों ने लक्जरी खरीदारी वाली सड़कों को बंद कर दिया। सर्कस मैक्सिमस और पियाजा डेल पोपोलो के आसपास नियंत्रण बढ़ा दिए गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कोलोसियम में जबरन घुसने की कोशिश की, लेकिन गार्डों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। अन्य जगहों पर, कई सौ छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने साफ किया कि उनके आंदोलन का मकसद उपद्रव, दंगा या तोड़फोड़ नहीं है। धुर-दक्षिणपंथी छात्र संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रिकार्डो पोंजियो ने कहा कि पिछले सप्ताह की तस्वीरें भयानक थीं। युवा पीढ़ी के अधिकांश छात्र पढ़ाई करना चाहते हैं। उन लोगों से उनका सरोकार नहीं जो मुद्दों की आड़ में पूरे शहर को तबाह करने की मंशा रखते हैं। मध्य रोम में एक अलग युद्ध-विरोधी मार्च भी हुआ। आयोजकों ने संभावित अशांति से खुद को दूर रखने की कोशिश की।
पुलिस ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का सहारा लिया
दक्षिण-पूर्वी शहर ल्योन में प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई थी, लेकिन शहर के केंद्र के पास लगभग 150 प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पश्चिमी शहर नांत में हजारों प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बाड़ेबंदी को तोड़कर शहर के केंद्र में प्रवेश किया। पुलिस ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का सहारा लिया। भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पटाखे और पत्थर फेंके। अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए और कई जगहों पर चेहरा ढंककर प्रदर्शन करने पर रोक के बावजूद नकाबपोश प्रदर्शनकारी उपद्रव मचाते दिखे।
#WATCH | France | Protests Turn Violent as Demonstrators Clash with Riot Police in Paris; large numbers of people are protesting across France against the rising cost of living. (Source: Reuters) https://t.co/Mtj9w1EL1l
— ANI (@ANI) October 25, 2026
अल्बानिया, स्पेन, इटली के अलावा पुर्तगाल में कैसी स्थिति?
अल्बानिया की राजधानी तिराना में दंगा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के बड़े समूहों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों में आग लगा दी और पुलिस पर हमले का प्रयास किया। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को 2,500 पुलिस अधिकारियों ने सड़कों पर गश्त की। एक सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शनकारी पुलिस पर पत्थर, फ्लेयर्स, पेट्रोल बम और आतिशबाजी के अन्य सामान फेंक रहे थे। झड़पों के दौरान पुलिस ने कई जगहों पर लाठियों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। हाई स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्र कम ट्यूशन फीस, शिक्षा में अधिक सरकारी निवेश और शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं। कुछ लोग समाजवादी प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे व्यापक सरकार-विरोधी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। रामा ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार छात्रों की मांगों पर प्रतिक्रिया तैयार कर रही है और उन्हें संवाद के लिए बुलाया। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसक प्रदर्शनकारियों को दंड का सामना करना पड़ेगा।
अल्बानिया में कृषि मंत्रालय बना निशाना
अल्बानिया की राजधानी तिराना में शनिवार को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और खराब शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कृषि मंत्रालय के गेट में आग लगा दी। प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे लोगों ने सरकारी इमारतों-बैंकों में आग लगा दी, दुकानों की खिड़कियां तोड़ दीं और सड़क के पत्थर उखाड़कर पुलिस पर फेंके।