संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं बैठक में शरीक होने दुनियाभर के नेता अमेरिका पहुंच रहे हैं। इनमें भारत के अलावा फ्रांस, इटली, तुर्किये, पाकिस्तान और सीरिया जैसे देशों के नाम शामिल हैं। मेजबान देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के बीच अहम मुद्दों पर UNGA से इतर बातचीत हुई। जानिए दोनों नेताओं ने क्या कहा?
80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ भी बातचीत की। इस वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी उस बात को फिर दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र कभी अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर सका। उन्होंने कहा, 'मैंने सात युद्ध रोके और संयुक्त राष्ट्र ने मेरी कोई मदद नहीं की। मुझे कभी फोन तक नहीं किया गया... किसी दिन यूएन वही करेगा जो मैं कर रहा हूं।
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'संयुक्त राष्ट्र ने हमारी मदद नहीं की'
उन्होंने कहा, अगर संयुक्त राष्ट्र वाकई अपना काम कर रहा है, तो हमें कोई युद्ध नहीं करना चाहिए... आपके पास एक बेहतरीन अवधारणा हो सकती है, लेकिन अगर आपके पास सही लोग नहीं हैं तो निर्णय नहीं होते। हमने इन सभी युद्धों को (समाधान किया) है। संयुक्त राष्ट्र ने हमारी मदद नहीं की... उन्होंने कुछ नहीं किया, जबकि इन समस्याओं का समाधान उन्हें (यूएन) को करना चाहिए।
'चरणबद्ध तरीके से टैरिफ हटाने का फैसला, EU सदस्यों को प्रतिबंधों पर सहमत होना होगा'
रूस पर सख्त कार्रवाई और टैरिफ के मुद्दे पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं... हमने रूस से गैस की आपूर्ति में पहले ही भारी कटौती कर दी है... हम यूरोपीय संघ को आने वाली तेल आपूर्ति पर टैरिफ लगाना चाहते हैं... हम इससे पहले ही बाहर निकलना चाहते हैं। साल के अंत तक, हमने चरणबद्ध तरीके से टैरिफ हटाने का फैसला कर लिया है। अब हमारे पास प्रतिबंधों का प्रस्ताव है। सदस्य देशों को इस पर सहमत होना होगा।
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कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि पहुंचे हैं अमेरिका
बता दें कि UNGA के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर गए हैं। इसके अलावा यहां आने वाली हस्तियों में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, इतालवी पीएम मेलोनी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा जैसे नाम शामिल हैं। सीरिया के लिए ये सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि 57 साल के बाद पहली बार यूएन के मंच पर इस देश के राष्ट्राध्यक्ष अपने देश का प्रतिनिधित्व करने आए हैं। सभी लोग अपने देशों का पक्ष रखेंगे।
पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्किये ने UN में कश्मीर राग अलापा
तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैय्यप अर्दोआन ने अपने देश की तरफ से दिए गए वक्तव्य में भारत और पाकिस्तान का जिक्र किया। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तुर्किये पाकिस्तान के साथ अक्सर खड़ा रहता है। अर्दोआन ने कहा, 'हम पिछले अप्रैल में पाकिस्तान और भारत के बीच संघर्ष में बदल चुके तनाव के बाद हुए युद्धविराम से खुश हैं... हमें उम्मीद है कि कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर, कश्मीर में हमारे भाइयों और बहनों के हित में, बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।