जीका वायरस को खत्म करने के लिए फॉगिंग
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शिशुओं के दिमाग को प्रभावित करने वाले जीका वायरस का खतरा अब वयस्कों पर भी मंडराने लगा है। फ्रांस के वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि यह वायरस वयस्कों के दिमाग को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। पेरिस के निकट एक अस्पताल में 81 वर्षीय मरीज के स्पाइनल फ्लुइड में यह वायरस जनवरी में पाया गया।
चिकित्सकों के मुताबिक यह अपनी तरह का पहला मामला है जब किसी वयस्क को इस वायरस की वजह से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा है। जांच दल के मुताबिक मेनिंगोएनसेफेलाइटिस से पीड़ित मरीज को तेज बुखार था। वह आंशिक रूप से पक्षाघात का शिकार था और उसके दिमाग में सूजन थी।
अध्ययन दल ने कहा कि जीका मेनिंगोएनसेफेलाइटिस से संबद्ध हो सकता है क्योंकि मरीज में दूसरी बीमारी या किसी अन्य वाइरस के संक्रमण नहीं देखा गया। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद जीका वायरस को लेकर चिकित्सकों को और अधिक सावधान रहने की जरूरत है।
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लक्षण- सिर दर्द, बुखार, रैशेज, जोड़ों में दर्द के साथ-साथ डेंगू या मलेरिया की तरह ही बुखार आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
प्रभावित- दक्षिण और मध्य अमेरिका में फैल चुका है। ब्राजील, कोलंबिया, मेक्सिको और वेनेजुएला आदि देश प्रभावित हैं।
खतरा- जीका से गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक खतरा है।