गौरतलब है कि ईंधन कर में वृद्धि के विरोध में देश में 17 नवंबर से प्रदर्शन शुरू हुए थे लेकिन बाद में इनमें मैक्रों का व्यापार समर्थित एजेंडा और सरकार चलाने के तरीके के प्रति विरोध भी शामिल हो गया। आंदोलन से जुड़े कई नेताओं और घोर वामपंथी अन्बोड फ्रांस पार्टी के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से शनिवार को दोबारा पेरिस में जमा होने की अपील की है ताकि और रियायत के लिए सरकार पर दबाव डाला जा सके।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को कहा, ‘फ्रांस को शांति, व्यवस्था और सामान्य जनजीवन में वापस लौटने की जरूरत है।’ हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने यह नहीं कहा कि प्रदर्शनकारी घरों के अंदर रहें। शनिवार को राजधानी पेरिस में कम से कम 8,000 पुलिसकर्मी और 14 बख्तरबंद गाड़ियां तैनात की जाएंगी। सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं।