दुनिया भर की महिलाएं सोशल मीडिया पर गाली देने वालों के खिलाफ एकजुट हो गई हैं। सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा की शिकार होने वाली महिलाओं ने 13 अक्तूबर को ट्विटर का बायकॉट किया और इसके लिए पिछले दिनों में बाकायदा मुहिम भी चलाई।
सोशल मीडिया पर गाली देने वालों के खिलाफ इन महिलाओं ने शुक्रवार को वूमन बायकाट ट्विटर के हैशटैग से ट्वीट भी किए। इन महिलाओं का मकसद गाली देने वालों और ऐसे लोगों को लेकर कोई सख्त नीति नहीं होने के कारण ट्विटर का विरोध करना है। हालांकि ट्विटर ने महिलाओं का विरोध देखते हुए कुछ ट्विटर खातों को निलंबित कर अपनी सफाई पेश की लेकिन महिलाओं ने इसका बायकाट करना जारी रखा है।
आंद्रे नामक यूजर ने लिखा कि जब ट्रंप ने लिंड्स ग्राहम का फोन नंबर ट्वीट किया तब ट्विटर ने उनका खाता निलंबित नहीं किया जबकि अन्य मामलों में ऐसा करना इस सोशल मीडिया का पक्षपाती होना बताता है।
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पत्रकार रेघा झा ने ट्वीट किया कि हमें सालों से बेहतर हैरसमेंट पॉलिसी की जरूरत है और ट्विटर ने अब तक कोई मजबूत कदम नहीं उठाया है। अगर महिलाएं एक दिन के लिए ट्विटर का बायकाट कर देती हैं तब देखते हैं क्या होता है। वूमन बायकाट ट्विटर के हैशटैग के साथ अमरीका समेत दुनिया के कई देशों की महिलाएं ट्वीट कर रही हैं। बीबीसी पर मेघना ने लिखा कि जबरन चुप कराए जाने का विरोध में अपनी आवाज उठाइए, चिल्लाइए और एक भी दिन के लिए चुप मत होइए।