'अपस्कर्टिंग' शब्द भारत में बेशक ज्यादा सुनने को ना मिलता हो लेकिन विदेशों में इसकी घटनाएं बढ़ रही हैं। 'अपस्कर्टिंग' यानी किसी महिला की टांगों के बीच से जानबूझकर इस तरह फोटो लेना कि उसकी अंडरवेयर दिखे। जिना मार्टिन उन महिलाओं में से एक हैं जो अपस्कर्टिंग का शिकार हुई हैं। अच्छी बात ये है कि जिना इसके खिलाफ आवाज उठा रही हैं।
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चुपके से खींच ली फोटो
जिना बताती हैं, ''मैं 8 जुलाई को लंदन के हाइड पार्क में थी। वह ब्रिटिश समर टाइम म्यूजिक फेस्टिवल का वक्त था इसलिए काफी भीड़ थी। मैं वहां अपनी बड़ी बहन के साथ खड़ी हंस-बोल रही थी। तभी हमारे पास खड़े दो पुरुषों ने हमें चिप्स ऑफर किया। मैंने दो-चार चिप्स ले भी लिए। इसके बाद वो बुरी तरह से मेरे करीब आने लगे।''
''उनमें से एक पुरुष काले बाल वाला था और दूसरा भूरे बाल वाला। काले बालों वाला शख्स लगातार मुझसे सवाल किए जा रहा था। मैंने देखा कि वो मुझे ऊपर से लेकर नीचे तक घूर रहा है और अपने दोस्त के सामने मेरा मजाक बनाकर हंस रहा है। इसके बाद वह मुझसे टकराया। मुझे लगता है तभी उसने मेरी फोटो ली होगी। उसने अपना फोन मेरी टांगों के बीच रखा और दिनदहाड़े स्कर्ट के नीचे से मेरी फोटो खींच ली।''
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''उस वक्त मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उसने मेरे साथ क्या किया है। मैं और मेरी बहन अपने पसंदीदा बैंड का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हमारा ध्यान स्टेज पर था तभी मेरी नजर भूरे बालों वाले लड़के पर गई। वह अपने फोन पर कुछ देखकर हंस रहा था। वो वही तस्वीर थी जिसमें मेरा झीना अंडरवेयर दिख रहा था। हालांकि वो छोटी सी फोटो थी लेकिन मैं तुरंत समझ गई कि वो मेरी ही थी।'' मैंने उसके हाथ से फोन छीन लिया और चिल्लाकर कहने लगी कि उसने मेरी 'अपस्कर्ट' फोटो ली है। वह पलटकर मुझ पर चिल्लाया। उसने कहा कि वो मेरी नहीं बल्कि स्टेज की फोटो है। उसने मेरा कंधा पकड़कर मुझे धक्का दिया और अपना फोन वापस मांगा। मैं उसकी पकड़ से खुद को छुड़ा नहीं पाई इसलिए लोगों की तरफ देखते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगी।''
सोशल मीडिया से मिली मदद
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : बीबीसी
''मैं फोन लेकर भागने लगी। वो चिल्लाते हुए मेरे पीछे-पीछे दौड़ा। वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्डों ने हमें भागते हुए देखा और वे हमारे चारों ओर एक घेरा बनाकर खड़े हो गए। एक गार्ड ने मुझसे उसका फोन वापस करने को कहा। मैंने फोन उसे लौटा दिया।''
''थोड़ी देर बाद दो पुलिस अधिकारी (एक पुरुष और एक महिला) वहां पहुंचे। मैंने उन्हें सारी बात समझाने की कोशिश की। उन्होंने मुझे और भूरे बालों वाले लड़के को अलग-अलग ले जाकर पूछताछ की। थोड़ी देर बाद पुलिस अधिकारी लौटा। उसने मुझे माफी मांगने के अंदाज में कहा कि उसे वो फोटो देखनी पड़ी।''
''उसने बताया कि फोटो में 'बहुत कुछ' तो नहीं दिख रहा है लेकिन जो भी दिख रहा है, वो मुझे ठीक नहीं लगेगा। चूंकि फोटो ग्राफिक नहीं थी इसलिए उसने मामले में ज्यादा कुछ न कर पाने की बात कही।''
''उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं अपना बयान दर्ज कराना चाहूंगी। उस वक्त मैं सिर्फ रो रही थी, और कुछ मूझे सूझ नहीं रहा था। इसलिए मैंने मना कर दिया। पुलिस ने मुझसे कहा कि उन्होंने वो फोटो डिलीट करवा दी है।''
''उस समय मेरा दिमाग भन्नाया हुआ था इसलिए मैं उसका फोन चेक नहीं कर पाई। चूंकि मैंने अंडरवेयर पहनी थी इसलिए उन्हें फोटो ग्राफिक नहीं लगी। अगर ऐसा न होता तो मामले को बिल्कुल अलग तरीके से देखा जाता। कुछ दिनों बाद मुझे पुलिस का फोन आया और उन्होंने बताया कि मामला बंद कर दिया गया है। मैं इससे खुश नहीं थी।''
''कुछ दिनों बाद मैंने फेसबुक पर एक स्टेटस डाला और साथ में उनकी तस्वीर भी पोस्ट की। मैं उन्हें शर्मिंदा करना चाहती थी। मैं लोगों को बताना चाहती थी कि वे कौन थे। कुछ ही दिनों में मेरी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।''
''दूसरी लड़कियों ने भी अपने ऐसे ही अनुभव शेयर किए। तब मुझे लगा कि यह छोटी समस्या नहीं है। मुझे समर्थन वाले मेसेज भी मिले और नफरत वाले भी। मुझ पर असंवेदनशील मीम्स भी बनाए जाने लगे। कुछ लोगों ने मुझे लंबी स्कर्ट पहनने और झूठ न बोलने की नसीहत दी। कुछ लोगों को लगा कि मैं पब्लिसिटी के लिए ये सब कर रही हूं और मैं खुद इसकी वजह हूं।''
''कुछ दिनों बाद मैंने 'Care2' नाम की वेबसाइट पर एक याचिका डाली (अब तक 50,000 से ज्यादा लोगों ने इसका समर्थन दिया है)। फिर मैंने वकीलों और महिलाओं के लिए काम करने वाली संस्थाओं से सलाह लेनी शुरू की। मुझे पता चला कि अपस्कर्ट तस्वीरों को इंग्लैंड और वेल्स में यौन अपराध नहीं माना जाता है।''
''ऐसे मामलों में दोषियों पर आप निजता में दखल का आरोप भी नहीं लगा सकते। निजता में दखल का आरोप तभी लगाया जा सकता है जब ऐसी घटना किसी प्राइवेट जगह जैसे चेंजिंग रूम में हुई हो। सार्वजनिक जगहों पर होने वाली घटनाओं के लिए इसे आधार नहीं बनाया जा सकता।''
ये सिर्फ मेरा मामला नहीं
''मैं उन पर सिर्फ एक कानून के तहत केस कर सकती थी-सार्वजनिक जगह पर अश्लीलता फैलाने का। ऐसा तब होता है जब पब्लिक में कुछ अभद्र हुआ हो और कम से कम दो लोगों ने इसे देखा हो। यह कानून भी उन लोगों की चिंता करता है जो अभद्र दृश्यों या घटनाओं के गवाह बने, पीड़ित की नहीं। ये सूरत बदलनी चाहिए, इसलिए मैं ये अभियान चला रही हूं। स्कॉटलैंड में अपस्कर्ट फोटोग्राफी को सेक्शुअल अपराध करार दिया गया है। हमारे यहां भी ऐसा हो सकता है।''
''इतने संघर्षों के बाद मेरा केस दोबारा खोला गया है। मुझे उम्मीद है कि दोषियों को सजा मिलेगी क्योंकि ये सिर्फ मुझसे जु़ड़ा मसला नहीं है।'' मेट्रोपॉलिटन पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की अच्छी तरह जांच कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,''हम समझते हैं कि यह पीड़ित के लिए काफी तनावपूर्ण और तकलीफदेह हो सकता है। हम पीड़िता से लगातार संपर्क में हैं और आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं.''