फ्रांस का नीस शहर, मौका था राष्ट्रीय पर्व का, लोग जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे, वे आसमान में रंगबिरंगी आतिशबाजी का लुत्फ लेने के लिए आए थे, लेकिन जश्न का शोर कब मौत की चीखों में बदल गया पता ही नहीं चला।
एक भारी-भरकम ट्रक आया और जश्न मना रही भीड़ को रौंदता चला गया। कुछ ही पलों में नीस सहित पूरे फ्रांस में मातम पसर गया।
तकरीबन 84 लोग ट्रक के पहियो के नीचे कुचले गए। मौत का तांडव करता ट्रक जब तक थमा, तब तक सड़क पर जगह-जगह लाशें पड़ी थीं। सड़क खून से रंग चुकी थी। सुनाई दे रहा था तो बस बचे हुए लोगों की चीखों का शोर।
ट्रक से अंजाम दी गई आतंकी वारदात के बाद से फ्रांस ही नहीं पूरी दुनिया सन्न है। ऐसे खौफनाक मंजर की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद ने इसे आतंकी हमला करार दिया है।
वारदात का वीडियो आपको विचलित कर सकता है। कुछ तस्वीरें आपको दिखा नहीं सकते हैं। ट्रक अचानक स्टार्ट हुआ और धीरे-धीरे उस ओर बढ़ने लगा जहां जश्न मनाने के लिए भीड़ पहले से इकट्ठा थी। एक मोटरसाइकिल सवार ने ट्रक को रोकने की कोशिश की, एक सुरक्षाकर्मी ने बदूक से गोलियां भी दागीं, लेकिन वे उसे रोकने में नाकाम रहे।
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जब तक ट्रक का ड्राइवर मारा जाता, दर्जनों लोग रौंदे जा चुके थे। करीब सवा सौ लोग घायल बताए जाते हैं। ये भी बताया जा रहा है कि जिस ट्रक से हमला हुआ वह हथियारों से भरा था।
ओलांद ने हमले को फ्रांस की आत्मा पर हमला बताया और फ्रांस में आपातकाल की समय सीमा को तीन महीने और बढ़ा दिया। इस बात की भी पुष्टि हो गई है कि ट्रक ड्राइवर फ्रांस का ही 31 साल का एक नागरिक था।
फ्रांस में हुए इस आतंकी हमले में अब तक किसी भी भारतीय के घायल होने या किसी भारतीय की मौत की खबर नहीं है।