ब्रिटेन चुनाव में शुक्रवार को मतगणना के बाद अंतत: यूरोपीय संघ को छोड़ने के लिए औपचारिक वार्ता शुरू करने की राजनीतिक स्पष्टता आ गई है। यह प्रक्रिया दस दिन में शुरू होनी है, जबकि प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने 10 सीट जीतने वाली उत्तरी आयरलैंड की डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी (डीयूपी) के साथ संसद में त्रिशंकु सरकार की तैयारी कर ली है। उनकी कंजर्वेटिव पार्टी को मिले चुनावी झटके के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें अमेरिकी समर्थन दिया है। जबकि ब्रेग्जिट संकट के बीच जर्मन चांसलर ने कहा है कि वह इस पर ‘जल्द चर्चा के लिए तैयार हैं।’
टेरीजा मे ने देश में उठ रही उनके इस्तीफे की मांग को दरकिनार करते हुए मध्यावधि चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने में नाकाम रहने के बावजूद डीयूपी की मदद से सरकार बनाने की तैयारी कर ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर टेरीजा से बात करके उन्हें अमेरिकी समर्थन दिया है। ट्रंप ने अमेरिका और ब्रिटेन के बीच विशेष संबंधों की अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वे ब्रिटेन के साथ साझा लक्ष्यों व हितों को लेकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।
इस बीच ब्रेग्जिट यानी ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने संबंधी प्रक्रिया की घड़ी चल पड़ी है। यूरोपियन परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने चेतावनी के बाद जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने भी कह दिया है कि वह यूरोपीय संघ की सदस्य के बतौर ब्रेग्जिट पर चर्चा के लिए तैयार हैं और 27 देशों के हितों का समर्थन करते हुए यूरोपीय संघ में बने रहेंगे।
उन्होंने ब्रिटेन को सीमा की याद भी दिलाई। इससे पहले टस्क ने कहा था कि लंदन के पास ब्रेग्जिट वार्ता को पूरा करने के लिए सिर्फ मार्च-2019 की समय सीमा है, इसके बाद समझौते के फेल होने का खतरा बढ़ जाएगा।