रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी खुफिया कॉन्ट्रैक्टर एडवर्ड स्नोडेन अब भी मॉस्को हवाई अड्डे में ही हैं।
अमेरिकी अधिकारियों को स्नोडेन की तलाश है जिन्होंने इंटरनेट और फोन पर लोगों की निगरानी रखे जाने वाले अमेरिका के एक गोपनीय कार्यक्रम को उजागर किया।
फिनलैंड के दौर पर गए पुतिन ने इन आरोपों को खारिज किया कि रूस स्नोडेन को भागने में मदद कर रहा है। साथ ही उन्होंने ये भी आशा जताई कि इस मुद्दे के चलते रूस और अमेरिका के संबंध प्रभावित नहीं होंगे।
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने रूस से कहा कि वो स्नोडेन को सौंप दें क्योंकि अमेरिका इस मुद्दे पर 'तनाव नहीं चाहता है'।
चीन भी इन आरोपों को खारिज कर चुका है कि उसने स्नोडेन को हांगकांग से मॉस्को तक जाने में मदद की है। समझा जाता है कि स्नोडेन लातिन अमेरिकी देश इक्वाडोर जाना चाहते हैं जहां उन्होने राजनीतिक शरण मांगी है।
'रूसी सरज़मीन' पर नहीं
पुतिन ने कहा कि स्नोडेन स्वतंत्र हैं और जितनी जल्दी वो अपना गंतव्य स्थल तय कर लेंगे, उतना ही अच्छा होगा।
स्नोडेन मॉस्को हवाई अड्डे के प्री-इमिग्रेशन एरिया में है और इस तरह वो तकनीकी रूप से रूसी सरज़मीन पर नहीं हैं।
रूसी अधिकारी अमेरिका के इन आरोपों को लगातार ख़ारिज करते रहे हैं कि वो स्नोडेन की मदद कर रहे हैं।
स्नोडेन रविवार को हांगकांग से मॉस्को पहुंचे। उम्मीद की जा रही थी कि वहां से वो वेनेजुएला की राजधानी काराकस के लिए उड़ान भरेंगे, लेकिन वो विमान में सवार नहीं हुए। स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण मांगी है।
अमेरिका स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर चुका है।
अमेरिकी राजनयिक केबलों को उजागर सुर्खियों में आई वेबसाइट विकीलीक्स के कुछ कानूनी सलाहकार स्नोडेन की मदद कर रहे हैं। विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज भी लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में शरण लिए हुए हैं।
स्नोडेन पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति को चुराने, राष्ट्रीय रक्षा संबंधी जानकारी को अनाधिकृत रूप से उजागर करने और जानबूझ कर गोपनीय खुफिया जानकारी को लीक करने के आरोप लगे हैं।