सीआईए के पूर्व अधिकारी एडवर्ड स्नोडेन की मौजूदगी से उपजे संदेह के चलते बोलीवियाई राष्ट्रपति के हवाई जहाज़ को फ्रांस और पुर्तगाल ने अपने एयरस्पेस में घुसने से रोक दिया। आखिरकार जहाज़ का रास्ता बदलकर उसे ऑस्ट्रिया के रास्ते भेजा गया।
बोलीविया के विदेश मंत्री डेविड चोकेहुआंका ने इनकार किया है कि स्नोडेन हवाई जहाज़ में मौजूद थे।
बोलीविया के विदेशमंत्री चोकेहुआंका ने मीडिया के सामने कहा है कि फ्रांस और स्पेन ने ये कदम एक 'बड़े झूठ' के चलते उठाया है, जिसका कोई आधार ही नहीं है।
चोकेहुआंका ने कहा, 'हमें यह नहीं पता कि किसने यह झूठ खड़ा किया है लेकिन हम राष्ट्रपति इवो मोरालेस के साथ हुई नाइंसाफ़ी के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की निंदा करते हैं'
बोलीविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस मॉस्को के दौरे पर थे, जहां सीआईए के पूर्व अधिकारी एडवर्ड स्नोडेन एयरपोर्ट के पास एक ट्रांज़िट एरिया में एक हफ़्ते से रुके हुए हैं।
राष्ट्रपति मोरालेस ने रूसी टेलीविज़न पर कहा कि बोलीविया को अभी तक स्नोडेन की राजनीतिक शरण की मांग वाला आवेदन नहीं मिला है, हालांकि अगर उनका आवेदन आता है तो उस पर विचार किया जाएगा।
मोरालेस ने कहा, 'बोलीविया जासूसी का खुलासा करने वाले लोगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, अगर इसे इस नज़र से देखा जा रहा है।'
बोलीविया के अलावा वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो भी मॉस्को में मौजूद थे। दोनों नेता वहां गैस निर्यातक देशों की बैठक में शामिल होने गए थे। वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने कहा है कि उन्हें अभी तक औपचारिक तौर पर राजनीतिक शरण का आवेदन नहीं मिला है। उन्होंने स्नोडेन के लिए अपना समर्थन जताया और कहा है कि उन्हें अमेरिका से बचाने के लिए दूसरे देशों का संरक्षण मिलना चाहिए।
रॉयटर न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में मादुरो ने कहा, 'वो उसके ख़िलाफ आरोप क्यों लगा रहे हैं? उन्होंने ऐसा क्या किया है? क्या उन्होंने कोई मिसाइल लॉन्च की है या किसी की हत्या की है? क्या उन्होंने बम लगाकर लोगों को मारा है? नहीं, उन्होंने युद्ध से बचाया है।
रूस से शरण की मांग वापस ली स्नोडेन ने
अमेरिकी ख़ुफ़िया सूचनाएं लीक करने का आरोप झेल रहे एडवर्ड स्नोडेन ने रूस से राजनीतिक शरण की माँग वापस ले ली है। इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्नोडेन को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि वह रूस में राजनीतिक शरण चाहते हैं तो खुफिया जानकारियाँ लीक करना बंद करें।
अंत में स्नोडेन चाहे जहाँ भी पहुँचें लेकिन फिलहाल उनकी किस्मत का फैसला रूस और अमेरिका से अपने रिश्तों के बारे में रूस की धारणा ही करेगी।
रूस के सुरों में आया बदलाव महत्वपूर्ण है। व्लादिमीर पुतिन की स्नोडेन को खुफिया जानकारियाँ लीक न करने की चेतावनी रूस के रुख में बदलाव का संकेत है।
पुतिन ने अपनी चेतावनी में कहा था, "स्नोडेन हमारे अमेरिकी सहयोगियों को नुकसान पहुँचाना बंद करें।"
रूस भले ही न चाहता हो कि हालात ऐसे हों लेकिन स्नोडेन मामले में अब सब कुछ रूस के हाथ में ही है। स्नोडेन का क्या होगा इस बात पर निर्भर करेगा कि रूस स्थिति की कैसे गणना करता है और उसके हित क्या हैं।
मॉस्को ने की देरी
मास्को में रूसी अधिकारी हॉन्गकॉन्ग में शुरू हुए राजनयिक खेल को आगे बढ़ाते हुए स्नोडेन से जल्दी ही निजात पा सकते थे। इससे भले ही अमरीका का पारा चढ़ता लेकिन स्नोडेनरूपी समस्या कहीं और चली जाती।
वैसे भटके हुए अमरीकी खुफिया विश्लेषक स्नोडेन जितनी देर तक मॉस्को एयरपोर्ट पर अटके रहेंगे, उतना ही इस नाटक के केंद्र में रूस आता चला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक रूस और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों के बीच भी इस मुद्दे पर संपर्क हुआ है।
हो सकता है ब्रुनेई में एशिया समिट के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ के बीच हुई मुलाकात में स्नोडेन के मुद्दे पर चर्चा हुई हो। लेकिन स्नोडेन की किस्मत का फैसला करते हुए रूस को कुछ महत्वपूर्ण मामलों में संतुलन बनाए रखना होगा।
अमेरिका के साथ रिश्तों में गंभीर दरार का खतरा और कानूनी प्रक्रिया बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस की अपनी साख दाँव पर है। दूसरी ओर रूस की जनता में स्नोडेन के प्रति जबरदस्त सहानुभूति है।
स्नोडेन ने यहां मांगी राजनीतिक शरण
नामंज़ूर- ऑस्ट्रिया, ब्राज़ील, फ़िनलैंड, भारत, आयरलैंड, नॉर्वे, पॉलैंड, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड
वापस ली- रूस
लंबित- बोलीविया, चीन, क्यूबा, इक्वेडोर, जर्मनी, आइसलैंड, इटली, नीदरलैंड, निकारागुआ
स्थिति साफ़ नहीं- फ्रांस, वेनेज़ुएला