इटली की एक अपीलीय अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी को कर चोरी के मामले में दोषी ठहराए जाने को बरकरार रखा है।
अदालत ने उनकी चार साल की क़ैद की सज़ा को बरकरार रखा है, साथ ही पाँच साल के लिए कोई भी सार्वजनिक पद संभालने पर भी लगी पाबंदी जारी रहेगी।
76 वर्षीय बर्लुस्कोनी की उम्र के कारण पहले ही उनकी सज़ा घटाकर एक साल कर दी गई थी।
सिल्वियो बर्लुस्कोनी को टैक्स बचाने के लिए फिल्म वितरण अधिकार की क़ीमत को जान-बूझकर से बढ़ाने का दोषी पाया गया था। बर्लुस्कोनी की कंपनी मीडियासेट ने ये अधिकार ख़रीदे थे।
आरोप
माना जा रहा है कि बर्लुस्कोनी अब इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ इटली की सर्वोच्च अदालत का दरवाज़ा खटखटाएँगे।
सिल्वियो बर्लुस्कोनी अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।
लेकिन मिलान की अपीलीय अदालत ने सज़ा को बरकरार रखा है। बर्लुस्कोनी की पीपुल ऑफ़ फ्रीडम पार्टी इटली की नई गठबंधन सरकार का हिस्सा है।
बर्लुस्कोनी पर एक कम उम्र की क्लिक करें यौनकर्मी के साथ सेक्स और सत्ता के दुरुपयोग का भी मामला भी चल रहा है।