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ट्रांसजेंडरों के लिए पहली छांवः तुर्की

Sat, 24 Jan 2015 08:40 AM IST
मॉनिटरिंग सेवा/बीबीसी
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तुर्की के शहर इस्तांबुल में ट्रांसजेंडरों के लिए उम्मीद की नई किरण है। उनकी मदद के लिए की गई ख़ास पहल के तहत पहला ट्रांसजेंडर शेल्टर खोला गया है। ट्रांसजेंडर शेल्टर की शुरुआत ओईकु ऐई नाम की ट्रांसजेंडर महिला ने की है।
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तुर्की में समलैंगिकता गैरकानूनी नहीं है लेकिन कई गे, लेस्बियन और ट्रांसजेंडरों के मुताबिक उनके साथ बुरा और भेदभाव भरा बर्ताव होता है। कार्यकर्ताओं के अनुसार तुर्की में ट्रांसजेंडर हाशिए पर हैं। अधिकांश ट्रांसजेंडरों के पास सेक्स वर्कर बनने के सिवा कोई दूसरा विकल्प नहीं हैं।

'ट्रांसजेंडर यूरोप' नामक गैर सरकारी संगठन के मुताबिक़ साल 2008 से 2014 के बीच तुर्की में 37 ट्रांसजेंडरों की हत्या हुई। ये आंकड़ा यूरोप में सबसे अधिक है।
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दान के जरिए जुटाया धन

ओईकु ऐई ने खबरों की वेबसाइट 'रैडिकल' को जानकारी दी कि शेल्टर के लिए दान के ज़रिए पैसा इकट्ठा किया गया है। ट्रांसजेंडर ओईकु खुद को समर्पित मुसलमान बताती हैं और कहती हैं कि ट्रांसजेंडरों के लिए शेल्टर शुरू करने के पीछे उनका मक़सद उनकी मदद और सुरक्षा करना है।

उन्होंने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि कई ट्रांसजेंडर को तुर्की में काम के लिए काफी भटकना पड़ता है। काम नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरन सेक्स उद्योग का रुख करना पड़ता है।

ओईकु ने 'रैडिकल' वेबसाइट को बताया, "मैं सफाई का काम करना चाहती थी, उन्होंने कहा, नहीं। मैं खाना बनाने का काम करना चाहती थी, उन्होंने कहा, नहीं।"

ओईकु कहती हैं, "मैं सड़क पर झाडू लगाना चाहती थी, उन्होंने फिर मना कर दिया। उस रात मैं बहुत रोई। सब कुछ कितना अजीब था।"
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ट्रांसजेंडर फैशन शो

ट्रांसजेंडरों के शेल्टर के लिए धन जुटाना काफी मुश्किल था। इसके लिए तुर्की में ट्रांसजेंडरों ने एक फैशन शो भी किया। ट्रांसजेंडर फैशन शो से 44,000 लीरा यानि 18,800 डॉलर की रक़म इक्ट्ठा की गई। लीरा तुर्की की मुद्रा है।
ओईकु ऐई को उम्मीद है कि भविष्य में यह शेल्टर और तरक्की करेगा।

साल 2014 में तुर्की की सरकार ने सुधार कार्यक्रमों के तहत की गई घोषणा में किसी के साथ जाति या धर्म के आधार पर होने वाले भेदभाव और नफ़रत को ग़ैरक़ानूनी बताया है।

लेकिन इसमें यौन रुझानों या लैंगिक पहचान के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है।
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