वैज्ञानिकों ने एक ऐसी जादुई मछली ढूंढने में सफलता पाई है जो पानी की सतह पर आते ही पिघलने लगती है। मछली की इस रहस्यमयी प्रजाति को प्रशांत महासागर में आठ किमी नीचे पाया गया। वैज्ञानिकों को अब तक अज्ञात रही स्नेलफिश की तीन प्रजातियां मिली हैं।
इन नई प्रजातियों की खासियत यह है कि यदि इन्हें पानी की सतह पर लाया जाए तो पिघलने लगेंगी। ये मछलियां बहुत कमजोर और जेली सरीखे ढांचे से बनी हैं। इनका रंग भी देखने में विचित्र है। आटाकामा गर्त में एक साहसिक यात्रा के दौरान ये मछलियां मिलीं।
पेरू और चिली के तट से 160 किमी दूर महासागर की तलहटी में इन्हें पाया गया। मजेदार बात यह रही कि वैज्ञानिक कैमरे की सहायता से साढ़े सात हजार मीटर नीचे तैरने वाली इन मछलियों के फोटो लेने में सफल रहे।
इसके बाद वैज्ञानिकों ने स्नेलफिश के नाम से जानी जाने वाली इन मछलियों को पकड़ने का सफल प्रयास किया। समुद्र के नीचे ठंडे जल में रहने वाली ये मछलियां सतह पर आते ही आइसक्रीम की तरह पिघलने लगती हैं। हालांकि समुद्र की तलहटी में ये बहुत सक्रिय रहती हैं। इन्हें देखने से यह भी साफ हो जाता है कि इनको भोजन के संकट से नहीं गुजरना पड़ता है।