रूस और अमेरिका में बढ़ते तनाव के बीच मास्को ने वेनेजुएला में अपने दो लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं। ये विमान परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 10,000 किमी की दूरी तय कर दो टीयू-160 बॉम्बर वेनेजुएला के काराकास स्थित मैक्यूतिया हवाईअड्डे पर लैंड कर चुके हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से अमेरिका और रूस के बीच तनातनी बढ़ सकती है।
रक्षा मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भेजे गए बॉम्बर हथियारों से लैस हैं या नहीं और न ही यह बताया कि विमान कब तक वेनेजुएला में रहेंगे। इनके अलावा रूस ने अपने बड़े कार्गो विमान एएन-124 और आईआई-62 यात्री विमान को भी बॉम्बरों के साथ भेजा है।
टीयू-160 पारंपरिक हथियारों के साथ ही 5,500 किमी तक मारक क्षमता वाली परमाणु मिसाइलों के साथ उड़ान भरने और हमला करने में सक्षम है। रूस ने इससे पहले इस तरह के विमानों का इस्तेमाल सीरिया में किया था। इनके जरिये सीरिया में केएच-101 क्रूज मिसाइल का हमलों में पहली बार इस्तेमाल किया गया था। नाटो के कूटनाम ब्लैकजैक ध्वनि से भी दोगुनी रफ्तार से उड़ान भर सकता है। रूस ने टीयू-160 बेडे़ का उन्नयन करते हुए इसमें नए हथियार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जोड़ा है।
पिछले सप्ताह ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकालेस मदुरो ने मास्को की यात्रा कर रूस से राजनीतिक और आर्थिक मदद मांगी थी। गौरतलब है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के बाद गहरी मंदी से जूझ रहे वेनेजुएला की मदद को रूस ने हाथ बढ़ाया था।