इटली के छोटे से कस्बे फोर्नी डी सपोरा के बैंक मैनेजर गिलबर्टो बेशिएरा को 9 लाख डॉलर (6.62 करोड़ रु.) के गड़बड़ी के मामले में दोषी पाया गया। बेशिएरा अमीरों के खाते से पैसा निकालकर गरीबों के खाते में ट्रांसफर कर देते थे।
2009 में शुरू किए गए इस काम को बेशिएरा 7 साल तक करते रहे। खास बात यह रही कि गरीबों को पैसा देने के दौरान बेशिएरा ने अपने पास कुछ नहीं रखा।
गलती पकड़े जाने पर उन्हें दो साल जेल की सजा हुई। इस सजा को रोकने के लिए लाभार्थियों ने कई याचिकाएं दायर कीं।
इसके बाद कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुनाया और बाइज्जत बरी कर दिया। बेशिएरा का यह पहला अपराध था।
इटली के कानून के मुताबिक छोटी सजा होने पर दोषी को जेल नहीं जाना पड़ता है।
बैंक मैनेजर ने कहा- मैंने जरूरतमंदों की मदद की
बेशिएरा ने एक इतालवी अखबार को बताया कि 'मैं हमेशा जरूरतमंदों की मदद के बारे में सोचा करता था। 2009 में वैश्विक मंदी के दौरान मैंने कई लोगों की मदद की। उस दौरान कई लोगों को लोन भी दिया, जिन्हें लोन नहीं मिल सकता था। ताकि वे कुछ अच्छा कर पाएं।
उन्होंने जल्दी पैसे वापस करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन कुछ लोगों ने पैसे वापस नहीं किए। इस वजह से मेरी गलती पकड़ी गई और मुझे दो साल जेल की सजा हुई।'
बेशिएरा के वकील रॉबर्तो मेते ने कहा कि मेरे मुवक्किल को लोग और प्रेस आज के जमाने का रॉबिन हुड कहते हैं। अपने इस काम के चलते उन्हें घर और नौकरी दोनों गंवाने पड़े।