दुनिया की सबसे दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों में शुमार जल-पक्षी जापाटा रेल्स (रेलिडे या सायनोलिमनास केरवेराय) 40 साल के बाद नजर आया है। पक्षी-वैज्ञानिकों के एक शोध दल ने इस पक्षी को दक्षिण पश्चिम क्यूबा की जापाटा दलदल में देखा। इसी दलदल के नाम पर इस पक्षी का नाम भी रखा गया है। मोटे तौर पर यह अनुमान लगाया जाता है कि दुनिया भर में जापाटा रेल्स प्रजाति के 400 से भी कम पक्षी बचे हैं।
प्रायद्वीपीय पक्षी जापाटा रेल्स ज्यादा नहीं उड़ पाता है। यही वजह है कि इसका आसानी से शिकार संभव है और लोगों की बसावट से भी इसके अस्तित्व पर ख़तरा बढ़ा है। 17वीं शताब्दी के बाद अब तक इस पक्षी की 15 प्रजातियां लुप्त हो गई हैं।