एजेंसी मेलबोर्न। विदेशों में भारतीय मूल के लोगों पर लगातार नस्लीय हमले बढ़ रहे हैं। अमेरिका में भारतीय मूल के इंजीनियर की हत्या के बाद ऑस्ट्रेलिया में भी नस्लीय हिंसा के ताजा मामले के तहत मेलबर्न की एक चर्च में भारतीय समुदाय के कैथोलिक पादरी के गले पर चाकू से हमला किया गया। हमलावर ने कहा कि भारतीय होने के कारण वह प्रार्थना करवाने के लिए अयोग्य है। इसे नस्लीय हमला माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, मेलबोर्न की एक चर्च में इतालवी भाषा में होने वाली प्रार्थना सभा में एक व्यक्ति फादर टौमी कालाथूर मैथ्यू (48) के पास आया। उसने पादरी से कहा कि चूंकि वह एक भारतीय है इसलिए या तो वह हिंदू होगा या मुसलमान। इस कारण वह प्रार्थनसभा करवाने के काबिल नहीं है। वहां मौजूद एक श्रद्धालु मेलिना के मुताबिक - ‘चर्च के पीछे के हिस्से में काफी शोरगुल और हलचल मची हुई थी और तभी मैंने फादर टौमी को अपनी ओर आते देखा। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं उनकी गर्दन पर देख सकती हूं क्योंकि उन्हें अभी चाकू मारा गया है।’
बताया गया कि हमलावर को मेलबोर्न पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। और फादर पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कैथोलिक आर्कडिओसी ऑफ मेलबर्न के प्रवक्ता शेन हीले ने इस घटना को भयानक करार दिया। उन्होंने कहा कि ‘लोगों के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए। फादर उल्लेखनीय काम कर रहे हैं इसलिए यह हमला अनेक कैथोलिक पादरियों द्वारा किए जा रहे महान कार्यों पर एक चोट है।’
फादर मैथ्यू का परिचय
ऑस्ट्रेलिया में फादर मैथ्यू मेलबर्न चर्च में 2014 से ही धार्मिक कार्य कर रहे हैं। थामारसेरी डिऑइसीज अथॉरिटीज का कहना है कि फादर मैथ्यू चर्च में पादरी का काम करते रहेंगे। मैथ्यू, केरल के कोझीकोड स्थित अनाक्कमपोयिल के रहने वाले हैं। वर्ष 1994 में वह थामारसेरी डिऑइसीज अथॉरिटीज के साथ जुड़े थे और तब से ही वह धर्म का काम कर रहे हैं। पादरी बनने से पहले वह अल्फोंसा के स्कूल में टीचर के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।