डेनमार्क के प्रिंस हेनरिक ने कहा है कि उनकी मौत के बाद उन्हें उनकी पत्नी और देश की रानी मारग्रेट के बगल में दफन नहीं किया जाए। प्रिंस हेनरिक को इस बात की शिकायत है कि उन्हें रानी के बराबर दर्जा नहीं मिला।
83 बरस के हो चुके प्रिंस हेनरिक को लंबे अर्से से शिकायत है कि उनका टाइटिल 'द किंग' नहीं है। यानी उन्हें राजा का पदनाम नहीं मिला। अब तक माना जा रहा था कि मौत के बाद प्रिंस और रानी को खास तौर पर बनाए गए पत्थर के ताबूत में एक साथ दफन किया जाएगा।
रिपोर्टों के मुताबिक 77 वर्षीय रानी मारग्रेट ने भी प्रिंस हेनरिक की गुजारिश को मान लिया है। डेनमार्क के एक अखबार ने शाही परिवार के जनसंपर्क कार्यालय के प्रमुख के हवाले से बताया है, ये कोई रहस्य नहीं है कि प्रिंस कई बरसों से अपनी भूमिका और खुद को मिले पदनाम को लेकर नाखुश रहे हैं।
अपनी पत्नी के बराबर दर्जा हासिल नहीं होने की वजह से रानी के बगल में दफन नहीं होने का फैसला स्वाभाविक है। प्रिंस हेनरिक बीते साल सार्वजनिक जीवन से अलग हो गए थे। शाही दरबार का कहना है कि अफवाहों के उलट प्रिंस हेनरिक फ्रांस के बजाए डेनमार्क में ही दफन होना चाहते हैं।