लंदन के कुछ इस्लामी केन्द्रों पर अगले 24 घंटे तक के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। यह कदम दो जगहों पर हुई संदिग्ध फायरिंग के बाद उठाया गया है।
फायरिंग की पहली घटना बुधवार को मसवेल कम्युनिटी सेंटर में हुई जबकि दूसरी घटना दो दिन बाद शनिवार को चिसलहर्स्ट स्कूल में हुई थी।
पुलिस आयुक्त सर बर्नार्ड हॉगन-होव का कहना है कि उन जगहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई हैं जो ‘अति संवेदनशील’ हैं।
अति संवेदनशील
कुछ दिन पहले सैनिक ली रिग्बी की मौत पर उन्होंने लंदनवासियों को विभाजित न होने की सलाह दी है।
रिग्बी की हत्या कथित तौर पर कुछ इस्लामी चरमपंथियों ने की थी। उन्होंने कहा, “ये लंदन के लिए कठिन समय है।
पुलिस इस्लामी समुदाय के अंदर दो केन्द्रों पर हुई फायरिंग की जांच कर रही है। इमसें कोई घायल नहीं हुआ है लेकिन हम जानते हैं कि फायरिंग घातक हो सकती है।”
पुलिस आयुक्त के मुताबिक, "हम लोगों को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि वो ये मानें कि पुलिस अपनी पूरी ताकत के साथ अति संवेदनशील जगहों की सुरक्षा कर रही है।"
उन्होंने कहा, “जिन जगहों पर ज्यादा खतरा है वहां हमारे जवान चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। रिग्बी की मौत पर लंदनवासियों को हम बंटने नहीं देंगे।
उनकी मौत के बाद सभी समुदायों ने जिस तरह से एकता दिखाई थी उसी से हम उन लोगों को हरा सकेंगे जो हमें विभाजित करना चाहते हैं।”
अल्पसंख्यक समुदाय
ब्रिटेन के गृह मामलों के बीबीसी संवाददाता डेनी शॉ का कहना है कि आयुक्त का बयान स्थिति की गंभीरता को बयान करता है।
इससे जाहिर होता है कि लंदन के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए पुलिस कितनी फिक्रमंद है। शॉ के मुताबिक इस बयान का मतलब है, “आगे भी हमले हो सकते हैं।”
शनिवार को दक्षिण-पूर्व लंदन के चिसलहर्स्ट में हुए हमले के दौरान दारुल उलूम के बोर्डिंग स्कूल से 130 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसमें बोर्डिंग स्कूल के कर्मचारी और छात्र दोनों शामिल थे।
जब हमला हुआ तब मध्यरात्रि के कुछ पहले का वक्त था। घटना स्थल पर अग्मिशमन दस्ते को भी बुला लिया गया था।
पुलिस का कहना है कि धुएं के असर से दम घुटने से दो लोग प्रभावित हुए थे। उनका इलाज कर दिया गया था। इसके अलावा और कोई घायल नहीं हुआ था।
केन्द्र के प्रवक्ता सैयद मोहम्मद का कहना है कि हमलावरों को इमारत में लगे सिक्योरिटी कैमरों में देखा गया था। उन्होंने कहा, “हम लोग ब्रितानी समुदाय का हिस्सा हैं।
इस घटना से हम बेहद दुखी हैं।” सैयद मोहम्मद ने कहा कि इमारत को पहले भी निशाने पर लिगा गया था।
उन्होंने लोगों से अपील की, "हम मजबूत रहें और एकता बनाए रखें ताकि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाई जा सके।"
“इंग्लिश डिफेंस लीग”
इसके पहले बुधवार को उत्तरी लंदन स्थित मसवेल हिल में भी हमला हो चुका था। ये हमला अल-रहमा समुदाय केन्द्र पर हुआ था। यहां पर ज्यादातर बच्चे आते हैं।
अग्निशमन दस्ते को यहां भी बुलाया गया था। इसकी दो मंजिला इमारत में आग लग गई थी। हालांकि एक घंटे के बाद ही आग पर काबू पा लिया गया था।
आगजनी के बाद पुलिस ने कहा कि इमारत के बगल में स्प्रे से 'इंग्लिश डिफेंस लीग' लिखा गया था। आगजनी के बाद मुसलमान समुदाय ने अधिकारियों से इस्लाम के खिलाफ होने वाले हमलों के मामलों में कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
इंग्लैंड में मुसलमान समुदाय पर हाल में हुए हमले की कई घटनाओं में सबसे ताज़ा घटना ये आगज़नी रही है। पिछले महीने की 22 तारीख को सैनिक रिग्बी की वुलिच में उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वो दक्षिणी पूर्वी लंदन के बैरक में वापस लौट रहे थे।
दो लोगों को उनकी हत्या का अभियुक्त बनाया गया है। हालांकि उनके परिवार वालों ने उनकी मौत के बाद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि रिग्बी “धर्म और संस्कृतियों में विभेद को कोई महत्व नहीं देते थे।”