युवा पाकिस्तानी कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई को भारत से काफी लगाव है। भारतीयों से उन्हें काफी समर्थन और प्यार मिलता है। लिहाजा वह भारत का दौरा करना चाहती हैं और यहां लड़कियों के लिए काम करना चाहती हैं। 20 वर्षीय मलाला को 15 वर्ष की आयु में स्कूल जाते समय तालिबानी आतंकियों ने गोली मार दी थी। पाकिस्तान आतंकियों की इस करतूत की पूरे विश्व में निंदा हुई। नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला संयुक्त राष्ट्र की शांति दूत हैं।
भारत की संस्कृति और मूल्यों से काफी कुछ सीखना चाहती हैं
मलाला ने कहा कि वह भारत के बारे में हमेशा से पढ़ती रही हैं। वह भारतीय फिल्म और ड्रामा की भी बड़ी प्रशंसक हैं। वह भारत की संस्कृति और उसकी मान्यता व मूल्यों से काफी कुछ सीखना चाहती हैं। मलाला पूरी दुनिया में लड़कियों की शिक्षा पर निवेश करना चाहती हैं। वह अपनी पहल गुलमाकाई नेटवर्क का भारत में भी विस्तार करना चाहती हैं। उनका यह नेटवर्क पूरी दुनिया में लड़कियों की शिक्षा की जागरूकता पर काम कर रहा है।
मलाला ने कहा कि वह भारत में लड़कियों के लिए काम करना चाहती हैं। वह यहां के स्थानीय लोगों के साथ काम करने को इच्छुक हैं क्योंकि वे स्थानीय मुद्दों को भली-भांति समझते हैं और वे इसके हल के लिए आवश्यक सुझाव दे सकते हैं। युवा पाकिस्तानी कार्यकर्ता ने यह भी माना कि भारत और पाकिस्तान की समस्याएं समान हैं। दोनों ही देशों में एक समान संस्कृति है।
उन्होंने कहा कि भारत से उन्हें काफी पत्र मिलते हैं। काफी भारतीय उनके समर्थक हैं और इसके लिए वह सभी भारतवासियों की शुक्रगुजार हैं। एक भारतीय लड़की के द्वारा भेजे गए पत्र को याद करते हुए मलाला ने कहा कि एक बच्ची ने उन्हें पत्र में लिखा कि वह भारत की प्रधानमंत्री बनना चाहती है। एक दिन हम दोनों ही प्रधानमंत्री बनेंगे और उसके बाद हम दोनों देशों के बीच शांति लाने के लिए वार्ता करेंगे।